राजस्थान: की राजधानी जयपुर में 45 लाख रुपए की ज्वेलरी चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसका अब पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। सदर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि आरोपियों ने चोरी से पहले पूरी प्लानिंग के साथ 15 दिन तक दुकान की रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण के अनुसार, आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से पहले ज्वेलरी शॉप को टारगेट किया। वे प्लास्टिक सामान, कपड़े और बर्तन बेचने के बहाने इलाके में घूमते रहे और दुकान की गतिविधियों को बारीकी से समझा। इसके बाद वे वापस गुजरात लौट गए और सही समय का इंतजार किया।
करीब 15 दिन बाद आरोपी फिर जयपुर पहुंचे। शाम के समय शहर में एंट्री लेने के बाद वे सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने अंधेरा होने का इंतजार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रात करीब 2 बजे ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाया।
आरोपियों ने दुकान के पीछे लगे चैनल गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने बैग में करीब 45 लाख रुपए कीमत के चांदी के गहने भर लिए और मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात इतनी सुनियोजित थी कि शुरुआती जांच में पुलिस को कोई बड़ा सुराग नहीं मिला।
चोरी के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए गहनों को पिघलाकर सिल्वर की ‘सिल्ली’ बना दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 10 किलो 470 ग्राम चांदी सिल्ली के रूप में बरामद की है। यह तरीका अक्सर पेशेवर अपराधी अपनाते हैं ताकि चोरी का सामान पहचान में न आए।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने गुजरात के सिहोर में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में राकेश उर्फ राकला (18), रोशन उर्फ पावला (32), उसकी पत्नी भावना उर्फ भाविका (26), मनीष हलवदिया (29) और मनोज उर्फ मणिया (22) शामिल हैं। ये सभी गुजरात और दिल्ली के रहने वाले हैं।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले भी कई चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। ये लोग अलग-अलग राज्यों में जाकर रेकी करते और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम देते थे।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग ने और किन-किन शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।
जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि न केवल आरोपियों को पकड़ा गया, बल्कि चोरी का अधिकांश सामान भी बरामद कर लिया गया।
जयपुर की इस ज्वेलरी चोरी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराधी अब वारदात से पहले लंबी प्लानिंग और तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते ऐसे गिरोह ज्यादा समय तक बच नहीं पाते। यह केस आम लोगों और व्यापारियों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देता है।
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