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शंकराचार्य विवाद में बड़ा एक्शन: इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट सस्पेंड, सरकारी गाड़ी छीनी; DM से मिलने नहीं दिया तो धरने पर बैठे

बरेली। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और UGC के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि, अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा।

शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को शामली अटैच कर दिया है और पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। सस्पेंशन के साथ ही उनकी सरकारी गाड़ी भी वापस ले ली गई।


DM से मिलने नहीं दिया, दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे

मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अलंकार अग्निहोत्री जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इससे नाराज होकर वे करीब 2 घंटे तक कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे रहे। बाद में वे अपने सरकारी आवास लौट गए।

इसके बाद एक बार फिर उन्होंने 50 से अधिक समर्थकों के साथ पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट जाने का ऐलान किया। उनके समर्थन में सवर्ण समाज और विभिन्न संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंचे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।


“इस्तीफा वापस नहीं लूंगा, सरकार से मोहभंग हो गया”

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा:

“मैं इस्तीफा वापस नहीं लूंगा। सरकार से मेरा मोहभंग हो गया है। अब मुझे आगे क्या करना है, यह समाज तय करेगा। यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर दबाव में लेने की कोशिश की गई।


DM आवास में बंधक बनाने का आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि गणतंत्र दिवस की शाम जब वे डीएम आवास पहुंचे थे, तो उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। उनका कहना है कि एक फोन कॉल के दौरान किसी ने कहा,
“ये पंडित पागल हो गया है, इसे बंधक बनाकर रखो।”

हालांकि, ADM ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह केवल दोस्ताना बातचीत थी और कोई दबाव नहीं बनाया गया।


शंकराचार्य का समर्थन, धर्म क्षेत्र में बड़े पद का प्रस्ताव

देर रात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात की। उन्होंने कहा:

“पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। जो पद सरकार ने आपको दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में आपको दिया जाएगा।”

इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक व धार्मिक रंग लेता नजर आ रहा है।


इस्तीफे के बाद बढ़ता जा रहा समर्थन और विरोध

  • सपा विधायक हसन रूमी ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, आगे और अधिकारी सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।

  • अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने भी इस्तीफा देकर विवाद को और हवा दे दी।

  • अलंकार अग्निहोत्री के भाई ने कहा कि वे UGC के नए नियमों से आहत थे और इसे सवर्णों के खिलाफ बताया।

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का सस्पेंशन अब सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रह गया है, बल्कि यह मामला राजनीति, ब्यूरोक्रेसी और धार्मिक संगठनों के टकराव का बड़ा प्रतीक बनता जा रहा है। इस्तीफा, सस्पेंशन, धरना और समर्थन—इन सबके बीच आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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