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SC-ST एक्ट के खिलाफ 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन, शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा एलान

बरेली/वाराणसी। एससी-एसटी एक्ट को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस कानून के खिलाफ 7 फरवरी से दिल्ली में बड़े आंदोलन का एलान कर दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 6 फरवरी तक SC/ST एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो केंद्र सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा।

यह बयान उन्होंने वाराणसी के केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।

अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य से उनकी मुलाकात कोई राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि एक शुभ संयोग थी। इस दौरान दोनों के बीच मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों और देश में बढ़ते तनावपूर्ण माहौल पर विस्तृत चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि इससे पहले प्रयागराज में भी शंकराचार्य ने उन्हें आमंत्रित किया था, लेकिन समयाभाव के कारण वे नहीं पहुंच सके। काशी आगमन पर यह मुलाकात संभव हो सकी। अग्निहोत्री ने कहा कि उनका काशी से भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि उन्होंने आईआईटी बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की है।

SC-ST एक्ट को बताया ‘देश का सबसे बड़ा काला कानून’

अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा हमला करते हुए कहा कि 1989 में लागू SC-ST एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून है। उनके अनुसार, इस कानून के तहत दर्ज करीब 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं, जिससे समाज के एक बड़े वर्ग को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए रेगुलेशन 2026 पर रोक लगा दी हो, लेकिन असली लड़ाई SC/ST एक्ट को खत्म करने की है।

‘चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात भेज देंगे’

अग्निहोत्री ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि यदि 6 फरवरी तक SC/ST एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो केंद्र सरकार को ‘चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात वापस भेज दिया जाएगा’।

‘लड़ाई कभी राज्य सरकार से नहीं थी’

जब उनसे पूछा गया कि अब केंद्र सरकार को निशाने पर क्यों लिया जा रहा है, तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी लड़ाई कभी राज्य सरकार से नहीं थी, बल्कि शुरू से ही केंद्र सरकार से रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह राज्य सरकारों पर दबाव बनाकर उन्हें अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य प्रशासन अत्यधिक दबाव में काम कर रहा है और राज्यों का फंड गुजरात भेजने की साजिश की जा रही है।

इस्तीफे के बाद से लगातार सुर्खियों में

गौरतलब है कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के पवित्र स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सनातन संस्कृति के प्रतीकों का अपमान होते देखा, तो वे इसे सहन नहीं कर सके।

29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाए जाने के बाद उन्होंने जाति आधारित भेदभाव को लेकर भी गंभीर चिंता जताई थी। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा था कि जाति आधारित भेदभाव को कभी भी संस्थागत हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे देश में आंतरिक अशांति फैल सकती है।


निष्कर्ष:

SC-ST एक्ट और UGC रेगुलेशन को लेकर अलंकार अग्निहोत्री के तीखे बयान और दिल्ली आंदोलन का एलान आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक हलचल को और तेज कर सकता है। शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद दिया गया यह बयान अब राष्ट्रीय बहस का विषय बनता नजर आ रहा है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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