Download App Now Register Now

‘दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी अच्छे नहीं’, जयशंकर की दो टूक—अपनी रक्षा के लिए किसी से नहीं पूछेगा भारत

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए उसे “बुरा पड़ोसी” करार दिया है। आईआईटी मद्रास में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह इस अधिकार का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।

जयशंकर ने कहा, “दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी अच्छे नहीं हैं। जब आतंकवाद को राज्य की नीति के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, तो किसी भी जिम्मेदार सरकार के पास अपने लोगों की सुरक्षा के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामलों में किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं समझता। “कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना हमारा अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी है,” उन्होंने कहा।

विदेश मंत्री का यह बयान पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कार्रवाई के संदर्भ में था। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था। यह कदम भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया था।

जयशंकर ने छात्रों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति आदर्शवाद के साथ-साथ यथार्थवाद पर आधारित है। “हम शांति चाहते हैं, लेकिन शांति का मतलब यह नहीं कि हम अपने नागरिकों की जान को खतरे में डालने वालों को खुली छूट दे दें,” उन्होंने कहा।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगातार यह स्पष्ट करता आया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। यदि कोई देश आतंक को संरक्षण देता है, तो उसके परिणाम भुगतने के लिए भी उसे तैयार रहना होगा।


निष्कर्ष:

विदेश मंत्री एस जयशंकर के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अब किसी भी तरह की नरमी के मूड में नहीं है। पाकिस्तान को “बुरा पड़ोसी” बताकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए स्वतंत्र है और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई दोहराने से भी नहीं हिचकेगा। भारत की प्राथमिकता स्पष्ट है—अपने नागरिकों की सुरक्षा, चाहे इसके लिए कितने ही कठोर फैसले क्यों न लेने पड़ें।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
सोना-चांदी खरीदने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें: कैरेट से लेकर हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज तक समझें पूरा हिसाब, खरीदारी में नहीं होगा नुकसान | दिवाली से पहले LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी, कमर्शियल गैस 9.50 रुपये महंगी; घरेलू सिलेंडर के रेट स्थिर | जापान में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 6.0 रही तीव्रता: सुबह 3:45 बजे शिमा क्षेत्र के पास आया भूकंप, फिलहाल नुकसान की खबर नहीं | राजस्थान के 7 पुलिस अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक: 6 IPS और एक RPS अधिकारी चयनित, उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए होगा सम्मान | SIR के खिलाफ दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली, राहुल-खड़गे समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल | अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ |