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आखिरी वक्त पर रद्द हुआ बड़ा दौरा: नवदीप रिणवा नहीं पहुंचे गोंडा, 6 घंटे का पूरा कार्यक्रम निरस्त

उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में बुधवार को एक बड़ा प्रशासनिक कार्यक्रम अचानक रद्द हो गया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का प्रस्तावित दौरा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया, जिससे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों में हलचल मच गई।

यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि इसमें चुनावी तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों के साथ बैठक और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद जैसे कई अहम कार्यक्रम शामिल थे। दौरे के तहत सुबह 11 बजे से शाम तक लगभग 6 घंटे का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया था।

दौरे की तैयारी के लिए गोंडा कलेक्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया था। प्रशासनिक स्तर पर सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में थीं, लेकिन ऐन मौके पर कार्यक्रम के रद्द होने से सारी तैयारियां धरी रह गईं।

कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सबसे पहले कलेक्ट्रेट सभागार में ईआरओ (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के साथ बैठक करने वाले थे। इस बैठक में मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कार्य की समीक्षा की जानी थी। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी चर्चा होनी थी।

इसके बाद उनका कार्यक्रम मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का था। इस बैठक का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर दलों के सुझाव और समस्याएं जानना था, ताकि आगामी चुनावों को और निष्पक्ष व व्यवस्थित बनाया जा सके।

दोपहर बाद गोंडा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसमें सभी बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) और सुपरवाइजरों के साथ संवाद किया जाना था। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाना था।

इस कार्यक्रम के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विशेषकर नाटकों की भी तैयारी की गई थी। लेकिन दौरा रद्द होने के कारण यह कार्यक्रम भी निरस्त कर दिया गया।

दौरे का अंतिम चरण धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शाम 4 बजे घनश्याम महाराज की जन्मस्थली स्थित स्वामीनारायण छपिया मंदिर में पूजा-अर्चना करनी थी। इसके बाद उन्हें लखनऊ के लिए रवाना होना था।

गोंडा के अपर जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दौरे की सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे रद्द करना पड़ा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन कारणों से कार्यक्रम स्थगित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य एसआईआर (संक्षिप्त पुनरीक्षण) कार्य की समीक्षा करना, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन का आकलन करना और राजनीतिक दलों के साथ समन्वय स्थापित करना था।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में जब भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी का दौरा पुनर्निर्धारित होगा, उसी के अनुसार नई तैयारियां की जाएंगी। फिलहाल, सभी विभागों को सतर्क रहने और चुनावी कार्यों को नियमित रूप से जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दौरे चुनावी प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इससे जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को दिशा-निर्देश मिलते हैं और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। ऐसे में दौरे का अचानक रद्द होना प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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