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“मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद बवाल: ट्रक से कुचलकर हत्या या हादसा? 10KM हाईवे जाम, पथराव-लाठीचार्ज से हालात बेकाबू”

मथुरा: में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को तनाव और हिंसा की आग में झोंक दिया। “फरसा वाले बाबा” के नाम से प्रसिद्ध गौ-रक्षक चंद्रशेखर की कथित रूप से ट्रक से कुचलकर मौत हो गई, जिसके बाद देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।

घटना के बाद हजारों लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। लगभग 10 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।


क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” को शुक्रवार देर रात सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध रूप से गौवंश ले जाया जा रहा है। वे अपने दो साथियों के साथ बाइक पर निकले और ट्रक का पीछा करने लगे।

करीब 7 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उन्होंने ट्रक को ओवरटेक किया और सामने बाइक खड़ी कर दी। आरोप है कि ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया।

इस हादसे में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई।


भीड़ का गुस्सा और हाईवे जाम

घटना की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते हजारों लोग जमा हो गए और हाईवे को जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं:

  • आरोपियों का एनकाउंटर
  • बाबा को शहीद का दर्जा
  • दोषियों को तत्काल सजा

भीड़ का आरोप था कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत हत्या है, न कि दुर्घटना।


पुलिस पर पथराव और हिंसा

जब पुलिस जाम खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची, तो स्थिति और बिगड़ गई।

  • भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया
  • कई पुलिसकर्मी घायल हो गए
  • पुलिस की 5-6 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई
  • शीशे तोड़ दिए गए

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान फायरिंग की आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।


लाठीचार्ज और आंसू गैस

हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े।

  • लाठीचार्ज किया गया
  • आंसू गैस के गोले छोड़े गए
  • भीड़ को तितर-बितर किया गया

कई प्रदर्शनकारी भी इस दौरान घायल हुए।


सरकार का एक्शन

योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


घटना का संवेदनशील स्थान

यह घटना कोसी और छाता थाना क्षेत्र के बीच हुई, जो पहले से ही संवेदनशील इलाका माना जाता है।

घटना स्थल से लगभग 25 किलोमीटर दूर उसी समय
द्रौपदी मुर्मू गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रही थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गईं।


कौन थे “फरसा वाले बाबा”?

चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” ब्रज क्षेत्र में एक जाने-माने गौ-रक्षक थे।

  • बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाते थे
  • बीमार और बेसहारा गायों की सेवा करते थे
  • गौ-तस्करी के खिलाफ सक्रिय रहते थे
  • हाथ में फरसा रखने के कारण उन्हें यह नाम मिला

स्थानीय लोगों में उनकी अच्छी पकड़ थी, जिससे उनकी मौत के बाद गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।


आरोप और जांच

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार:

  • एक आरोपी को पकड़ लिया गया है
  • दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं
  • पुलिस मामले की जांच में जुटी है

हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि घटना हत्या थी या दुर्घटना।


कानून-व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भीड़ का हिंसक होना
  • पुलिस पर हमला
  • एनकाउंटर की मांग

ये सभी संकेत देते हैं कि हालात कितने संवेदनशील हो सकते हैं।


स्थिति अभी कैसी है?

  • हाईवे से जाम हटाया जा चुका है
  • इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है
  • स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है

निष्कर्ष

मथुरा की यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा या हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक तनाव, कानून-व्यवस्था और भीड़ की मानसिकता का बड़ा उदाहरण बन गई है।

जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने आना बाकी है। लेकिन इतना तय है कि एक व्यक्ति की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिंसा और अस्थिरता में धकेल दिया।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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