Download App Now Register Now

नालंदा मंदिर में मौत का मंजर: 25 हजार की भीड़, शून्य सुरक्षा—9 की दर्दनाक मौत, सिस्टम पर बड़े सवाल!

बिहार: के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। शीतला माता मंदिर में अचानक मची भगदड़ में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। एक पुरुष ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। यह हादसा चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के दिन हुआ, जब मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे।

घटना के समय मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 25 हजार लोग वहां मौजूद थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। न तो पुलिस बल की तैनाती थी और न ही बैरिकेडिंग या लाइन सिस्टम का कोई इंतजाम किया गया था।

कैसे मची भगदड़?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रद्धालु जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के कारण भीड़ तेजी से जमा हो गई। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और हालात बेकाबू हो गए।

एक महिला के अचानक चक्कर खाकर गिरने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। लोग उसे उठाने की कोशिश कर रहे थे, तभी पीछे से आ रही भीड़ ने दबाव बढ़ा दिया और भगदड़ मच गई। कई महिलाएं भीड़ के नीचे दब गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घायल और राहत कार्य में देरी

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई महिलाएं बेहोश पड़ी थीं और कुछ दर्द से कराह रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन पहली एंबुलेंस को पहुंचने में करीब 40 मिनट का समय लग गया।

इस दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने ही घायलों को ई-रिक्शा और अन्य साधनों से अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने कई लोगों को सीपीआर दिया, लेकिन तब तक कई जानें जा चुकी थीं।

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप

इस हादसे ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, इस दिन हर साल भारी भीड़ होती है, इसके बावजूद कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए थे।

तीन बड़ी लापरवाहियां सामने आईं:

  1. भीड़ प्रबंधन की कमी:
    न बैरिकेडिंग थी, न ही एंट्री-एग्जिट का अलग रास्ता। लोग बिना लाइन के अंदर जा रहे थे।
  2. पैसे लेकर पीछे के दरवाजे से दर्शन:
    आरोप है कि कुछ लोग पैसे लेकर श्रद्धालुओं को पीछे के रास्ते से दर्शन करा रहे थे, जिससे अव्यवस्था और बढ़ी।
  3. पुलिस की अनुपस्थिति:
    इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद मौके पर एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।

राष्ट्रपति कार्यक्रम और सुरक्षा पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि इसी दिन नालंदा में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर 8 जिलों से करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं मंदिर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

यह हादसा राष्ट्रपति के कार्यक्रम से करीब डेढ़ घंटे पहले हुआ, जिससे प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठने लगे हैं।

सरकार की कार्रवाई और मुआवजा

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। पटना कमिश्नर को तुरंत नालंदा भेजा गया और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। दीपनगर थाने के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है।

सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपए और केंद्र सरकार ने 2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है।

नालंदा का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता का उदाहरण है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी में लापरवाही ने 9 लोगों की जान ले ली। यह घटना भविष्य के लिए एक चेतावनी है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |