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आगरा डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला: पत्नी और मौसेरे भाई की हत्या पर पति समेत 3 को फांसी

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में वर्ष 2022 के चर्चित डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। पत्नी और उसके मौसेरे भाई की बेरहमी से हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पति, उसके भाई और पिता—तीनों को फांसी की सजा सुनाई है। यह मामला अवैध संबंध के शक से जुड़ा था, जिसने एक पूरे परिवार को अपराध की अंधेरी राह पर धकेल दिया।

अदालत ने इस जघन्य अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” श्रेणी में रखते हुए तीनों दोषियों को मृत्युदंड दिया। फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना मई 2022 की है, जब आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या को अंजाम दिया गया था।

जानकारी के अनुसार, मृतक शिवम सिसौदिया अपनी रिश्तेदारी में अक्सर घर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी नजदीकियां अपने मौसेरे भाई की पत्नी पूजा से बढ़ गईं। दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए थे।

घटना के दिन शिवम, पूजा से मिलने उसके घर पहुंचा था। तभी घरवालों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद गुस्से में आए ससुर मदन, पति गौरव और देवर अभिषेक ने मिलकर शिवम पर हमला कर दिया।

सड़क पर दौड़ाकर की गई हत्या

हमलावरों ने पहले शिवम को घर से बाहर गली में दौड़ाया और फिर डंडों से बुरी तरह पीटा। जब वह गिर पड़ा, तो फरसे से उसके ऊपर कई वार किए गए। बताया गया कि उस पर एक मिनट में 20 से ज्यादा वार किए गए, जिनमें कई वार उसकी मौत के बाद भी किए गए।

इसके बाद आरोपी घर के अंदर गए और पूजा को बाहर लाकर दरवाजे के पास ही उसकी भी गला रेतकर हत्या कर दी। इस पूरी वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी थी।

CCTV में कैद हुई वारदात

इस हत्याकांड का CCTV फुटेज भी सामने आया था, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवक को घेरकर पीटा जा रहा है और फिर बेरहमी से काटा जा रहा है। इस फुटेज ने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया था।

हत्या के बाद किया सरेंडर

घटना के बाद आरोपी खुद ही थाने पहुंचे और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उन्होंने खुलकर कहा कि उन्होंने ही दोनों की हत्या की है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया और मामला दर्ज किया गया।

बताया जाता है कि घटना के बाद पति अपनी पत्नी के शव के पास बैठकर रोता रहा, जो इस पूरे मामले की जटिल मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

कोर्ट का सख्त रुख

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखा। कोर्ट ने माना कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित और अत्यंत क्रूर थी।

एडीजे-26 की अदालत ने तीनों आरोपियों—पति, देवर और ससुर—को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इन्हें सख्ती से रोकना जरूरी है।

समाज के लिए एक संदेश

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के उस सोच को भी दर्शाता है जहां शक और सम्मान के नाम पर हिंसा को अंजाम दिया जाता है।

ऑनर किलिंग जैसे मामलों में अक्सर भावनाओं के उफान में आकर लोग कानून को अपने हाथ में ले लेते हैं, जिसका परिणाम बेहद भयावह होता है।


निष्कर्ष:

आगरा के इस डबल मर्डर केस में आया फैसला न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाता है, बल्कि समाज को एक सख्त संदेश भी देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। शक या सामाजिक दबाव के नाम पर हिंसा करने वालों को कठोर सजा मिलना तय है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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