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सलमान खान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: जमानती वारंट पर रोक, अब जयपुर में पेशी नहीं

जयपुर: में चल रहे एक चर्चित मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को बड़ी राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-द्वितीय द्वारा जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान को फिलहाल आयोग के सामने पेश होने की जरूरत नहीं होगी।

यह आदेश जस्टिस अनुरूप सिंघी की एकल पीठ ने सलमान खान और अन्य पक्षकारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले ने अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई से तत्काल राहत प्रदान की है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह मामला एक भ्रामक विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि एक पान मसाला ब्रांड के प्रचार में “केसर युक्त इलायची” और “केसर युक्त पान मसाला” जैसे दावे किए गए, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।

परिवादी योगेंद्र सिंह बडियाल ने जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर कहा था कि कंपनी और उसके ब्रांड एंबेसडर के तौर पर सलमान खान इस भ्रामक प्रचार में शामिल हैं।

आयोग ने पहले क्या कार्रवाई की?

इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने 6 जनवरी 2026 को संबंधित उत्पादों के प्रचार और विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बावजूद 9 जनवरी को जयपुर, कोटा सहित कई शहरों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर विज्ञापन जारी रखे गए।

आयोग ने इसे अपने आदेश की अवमानना माना और सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए। आयोग ने उन्हें चार बार पेश होने के लिए तलब किया, लेकिन वारंट तामील नहीं हो सका।

13 अप्रैल को दिया गया था अंतिम मौका

हाल ही में आयोग ने नाराजगी जताते हुए सलमान खान को 13 अप्रैल तक अंतिम मौका दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर वे पेश नहीं हुए तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है।

आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।

हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

इस बीच सलमान खान और पान मसाला कंपनी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। वरिष्ठ अधिवक्ताओं आरपी सिंह, जीएस बाफना सहित अन्य वकीलों ने दलीलें पेश कीं।

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानती वारंट पर रोक लगा दी। इस आदेश के बाद अब फिलहाल सलमान खान को जयपुर उपभोक्ता आयोग में पेश होने की आवश्यकता नहीं है।

पुलिस को भी दिए गए थे निर्देश

इस मामले में आयोग ने पहले डीजीपी को निर्देश दिए थे कि एक विशेष टास्क फोर्स गठित कर मुंबई जाकर वारंट की तामील कराई जाए। हालांकि इसके बावजूद वारंट लागू नहीं हो सका।

क्या आगे होगा?

अब इस मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में होगी, जहां यह तय किया जाएगा कि आयोग की कार्रवाई सही थी या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि भ्रामक विज्ञापन के आरोपों में आगे क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला उपभोक्ता अधिकारों और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है।


निष्कर्ष:

हाईकोर्ट के इस फैसले ने सलमान खान को फिलहाल राहत जरूर दी है, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अदालत का अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि सेलिब्रिटी विज्ञापनों में जिम्मेदारी की सीमा क्या होनी चाहिए।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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