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Dewas Blast: पटाखा फैक्टरी में ऐसा धमाका कि 25 फीट दूर जा गिरे शवों के टुकड़े, दहल उठा पूरा इलाका

मध्य प्रदेश: के Dewas जिले में गुरुवार को हुए एक भीषण पटाखा फैक्टरी विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। एबी रोड स्थित टोंककला क्षेत्र में संचालित एक पटाखा फैक्टरी में अचानक हुए जोरदार धमाके से अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भयावह था कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों की दीवारें तक कांप उठीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फैक्टरी में उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक फैक्टरी के भीतर आग भड़क उठी और देखते ही देखते जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मृतकों के शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद फैक्टरी से ऊंची-ऊंची आग की लपटें और काले धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। कई लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया और कुछ समय तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।

प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ की हालत गंभीर होने पर उन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 8 से 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत और बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। उज्जैन रेंज के आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन और उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या बारूद के अत्यधिक दबाव के कारण यह विस्फोट हुआ हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस ने फैक्टरी संचालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि ऐसी फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे मजदूरों की जान खतरे में पड़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर फैक्टरी के आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया है और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।


निष्कर्ष:

देवास की पटाखा फैक्टरी में हुआ यह भीषण विस्फोट कई परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। दो मजदूरों की मौत और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुरक्षा मानकों में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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