Download App Now Register Now

राजस्थान में आक पौधे से ठंडरोधी कपड़ों का अनोखा नवाचार

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में एक अनोखी तकनीक और देसी संसाधन आधारित नवाचार सामने आया है, जो कड़ाके की ठंड में लोगों को गर्म रखने में मदद कर सकता है। थार के रेगिस्तान में आक (Calotropis) पौधे के रेशों से विशेष कपड़े और सामग्री तैयार की जा रही हैं, जिन्हें माइनस डिग्री तापमान में भी उपयोगी बताया जा रहा है।

इस कलेक्शन और प्रोसेसिंग पॉइंट का उद्देश्य स्थानीय रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर ऐसे वस्त्र तैयार करना है जो ठंड से बचाव में मदद करें। यह तकनीक खासकर सीमा पर तैनात जवानों के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती है, जहां तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है और तेज हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ जाती है।

आक पौधा आमतौर पर जंगली और कम उपयोगी माना जाता है, लेकिन इसके रेशों में प्राकृतिक रूप से इन्सुलेशन (गर्मी रोकने की क्षमता) पाई जाती है। वैज्ञानिक और स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, इन रेशों को प्रोसेस कर कपड़े या अंदरूनी लाइनिंग में इस्तेमाल किया जाए तो यह शरीर की गर्मी को बाहर जाने से रोकने में मदद करता है और ठंड से बचाव करता है।

रेगिस्तान में दिन और रात के तापमान में भारी अंतर होता है। दिन में तेज गर्मी और रात में शून्य या उससे नीचे तापमान होने के कारण पारंपरिक कपड़े पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आक पौधे के रेशों को साफ और उपयोगी फाइबर में बदला जाता है और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों के साथ कपड़े की परतों में मिलाया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती है, क्योंकि आक पौधा आसानी से रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाया जाता है और इसकी उपलब्धता व्यापक है। परीक्षण और विकास चरण में रहते हुए शुरुआती परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। ठंडे इलाकों में इसके उपयोग को लेकर आगे और अध्ययन किए जाने की संभावना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जवानों को कठोर मौसम में लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है।

स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञ इस पहल को संभावित नवाचार के

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |