Download App Now Register Now

मां की मौत से अनजान दुल्हनों ने लिए सात फेरे! अक्षय तृतीया पर 131 जोड़ों की शादी, दिल छू लेने वाली कहानी

राजस्थान: के लालसोट क्षेत्र के डिडवाना में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन एक ओर जहां खुशियों से सराबोर था, वहीं दूसरी ओर एक ऐसी मार्मिक घटना सामने आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। इस सम्मेलन में कुल 131 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, लेकिन इनमें शामिल दो बहनों की शादी एक ऐसे दर्दनाक सच के साये में हुई, जिससे वे खुद पूरी तरह अनजान रहीं।

अक्षय तृतीया के अवसर पर सैनी माली समाज द्वारा आयोजित इस 9वें सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन महात्मा ज्योतिबा फूले सेवा समिति की ओर से किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी रही और समाज के कई जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

खुशियों के बीच छिपा दर्द

इस आयोजन की सबसे भावुक कर देने वाली घटना डिडवाना की घाटा ढाणी की रहने वाली दो बहनों—मंजू सैनी और रेखा सैनी—से जुड़ी रही। दोनों बहनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ सात फेरे लिए, लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनकी मां मन्ना देवी अब इस दुनिया में नहीं रहीं।

जानकारी के अनुसार, उनकी मां का निधन शादी से एक दिन पहले हो गया था। 11 अप्रैल को बाजार जाते समय एक जुगाड़ वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिसमें एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मन्ना देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इलाज के दौरान उन्होंने शनिवार शाम जयपुर में दम तोड़ दिया।

परिवार ने यह निर्णय लिया कि शादी की सभी रस्में पूरी होने तक बेटियों को यह दुखद समाचार नहीं दिया जाएगा। ऐसे में दोनों बहनों ने बिना किसी जानकारी के अपनी जिंदगी के नए अध्याय की शुरुआत की। परिजनों के अनुसार, सोमवार को उन्हें इस बारे में बताया जाएगा।

131 जोड़े बने हमसफर

सम्मेलन में कुल 131 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सादगी का प्रतीक बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।

इस मौके पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

भव्य आयोजन और व्यवस्थाएं

सम्मेलन में करीब 80 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। खास बात यह रही कि खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि 15 भट्टियों पर लकड़ी के गुटखों से भोजन तैयार किया गया। इस कार्य में लगभग 150 हलवाई लगातार जुटे रहे। करीब 50 हजार लोगों ने पंगत में बैठकर भोजन ग्रहण किया।

नवविवाहित जोड़ों को समिति की ओर से कई उपयोगी उपहार भी दिए गए, जिनमें सोने की बाली, चांदी की पायल और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं शामिल थीं। इसके अलावा सभी जोड़ों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आम का पौधा भी भेंट किया गया।

समाज के लिए प्रेरणा

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सैनी समाज के छात्रावास के लिए 25 लाख रुपये की सहायता से कक्षा कक्ष निर्माण की घोषणा भी की। साथ ही कन्यादान के रूप में आर्थिक सहयोग भी दिया गया।

यह आयोजन न केवल एक सामाजिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह एक भावनात्मक और मानवीय कहानी भी बन गया, जिसने यह दिखाया कि जीवन में खुशी और दुख अक्सर साथ-साथ चलते हैं।


निष्कर्ष:

लालसोट का यह सामूहिक विवाह सम्मेलन एक ओर जहां 131 परिवारों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया, वहीं दो बहनों की कहानी ने यह याद दिलाया कि जिंदगी के सबसे बड़े पलों में भी दर्द छिपा हो सकता है। यह घटना हर किसी के दिल को छूने वाली है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |