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181 दिन बाद खुले केदारनाथ धाम के कपाट: फूलों की बारिश, सेना का सलामी अंदाज, पीएम के नाम पहली पूजा

उत्तराखंड: के पवित्र Kedarnath Temple के कपाट 181 दिनों के लंबे इंतजार के बाद विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। चारधाम यात्रा के चौथे दिन बुधवार सुबह ठीक 8 बजे परंपराओं के अनुसार मंदिर का पूर्व द्वार खोला गया और पूजा-अर्चना की प्रक्रिया शुरू हुई।

कपाट खुलने के इस पावन अवसर को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया। खास बात यह रही कि भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर से मंदिर परिसर में पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और दिव्य हो उठा।

मुख्यमंत्री धामी ने की पहली पूजा

इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे। उन्होंने परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से पहली पूजा अर्पित की। यह पूजा हर वर्ष विशेष परंपरा के तहत की जाती है।

धामी ने कहा कि सरकार ने इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और हर श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है।

परंपरा के अनुसार शुरू हुई पूजा

कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग और रावल भीमाशंकर लिंग ने मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा-अर्चना और वेद पाठ शुरू किया। यह धार्मिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के मुख्य द्वार खोले जाएंगे।

पूजा के दौरान केदारनाथ ज्योतिर्लिंग पर लगाए गए भस्म को बाद में हटाया जाएगा, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है।

पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं की उम्मीद

प्रशासन के अनुसार, कपाट खुलने के पहले दिन ही 8 से 10 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना है। देश-विदेश से आए भक्त इस पवित्र क्षण के साक्षी बनने के लिए पहले से ही केदारनाथ पहुंच चुके हैं।

सख्त नियमों के साथ शुरू हुई यात्रा

इस बार Badrinath Kedarnath Temple Committee ने यात्रा को लेकर कई नए और सख्त नियम लागू किए हैं। मंदिर परिसर से 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इसके अलावा, मुख्य मंदिर परिसर में फोटो, वीडियो या रील बनाना सख्त मना है। फोटोग्राफी के लिए अलग से निर्धारित स्थान बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु मोबाइल का उपयोग कर सकते हैं। इन नियमों का उद्देश्य मंदिर की गरिमा बनाए रखना और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

बर्फ की चादर में लिपटा केदारनाथ

हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम और आसपास का क्षेत्र अभी भी बर्फ की मोटी परत से ढका हुआ है। अप्रैल महीने में यह पांचवीं बार था जब केदार घाटी में बर्फबारी हुई, जिससे यहां का दृश्य और भी मनमोहक हो गया है।

हालांकि, प्रशासन ने मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

सेना और प्रशासन की विशेष तैयारी

कपाट खुलने के मौके पर गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने रावल और मुख्य पुजारी का पारंपरिक धुन के साथ स्वागत किया। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि हर श्रद्धालु को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


निष्कर्ष:

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भव्य आयोजन, सख्त नियम और बेहतर व्यवस्थाएं इस साल की यात्रा को खास बना रही हैं। अब लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए इस पावन यात्रा पर निकलेंगे।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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