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अब घर बैठे खुद करें अपनी जनगणना! CM ने जारी किया लिंक, जानिए 33 सवालों में क्या-क्या पूछेगा सिस्टम

राजस्थान: में जनगणना 2027 को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है, और इस बार प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार आम नागरिकों को खुद अपनी जनगणना ऑनलाइन भरने का मौका दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस नई सुविधा के लिए आधिकारिक लिंक जारी करते हुए लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की है।

सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपनी जनगणना स्वयं कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों और परिवारों का सत्यापन करेंगे।

पहली बार खुद भर सकेंगे अपनी जनगणना

भारत में यह पहली बार हो रहा है जब जनगणना की प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए नागरिकों को खुद डेटा भरने की सुविधा दी गई है। इसके लिए सरकार ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जहां जाकर लोग अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपको लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। हालांकि, ऑनलाइन जानकारी भरने के बावजूद वेरिफिकेशन के लिए कर्मचारी घर जरूर आएंगे।

कैसे करें स्व-गणना?

स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है:

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
  • मोबाइल नंबर से लॉगिन करें
  • ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन करें
  • मांगी गई जानकारी भरें
  • अंत में आपको एक यूनिक SE ID मिलेगी

यही SE ID बाद में कर्मचारी को दिखानी होगी।

साइबर फ्रॉड से रहें सावधान

डिजिटल प्रक्रिया के चलते साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कर्मचारी आपसे केवल मोबाइल नंबर और SE ID ही पूछेंगे। कोई भी कर्मचारी या व्यक्ति आपसे OTP नहीं मांगेगा।

अगर कोई आपसे OTP मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं, क्योंकि यह धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है।

33 सवालों में क्या पूछा जाएगा?

पहले चरण में कुल 33 सवालों की सूची तैयार की गई है, जिनका संबंध आपके घर, सुविधाओं और परिवार से होगा। इनमें प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं:

  • मकान का प्रकार, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत)
  • परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (SC/ST)
  • मकान स्वामित्व (अपना या किराए का)
  • घर में कमरों की संख्या
  • पानी और बिजली का स्रोत
  • शौचालय और सीवेज व्यवस्था
  • खाना पकाने का ईंधन (LPG/PNG आदि)
  • घर में उपलब्ध सुविधाएं (टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन)
  • परिवार के भोजन में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज

इन सवालों के जरिए सरकार सामाजिक और आर्थिक स्थिति का विस्तृत डेटा तैयार करेगी, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा।

कर्मचारियों की बड़ी तैनाती

इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में करीब 1.6 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है। इनमें बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है। यही कारण है कि शिक्षकों के ट्रांसफर पर अस्थायी रोक लगने की संभावना जताई जा रही है।

जनगणना निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, जो कर्मचारी पहले चरण में काम करेंगे, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी जिम्मेदारी निभाएंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह जनगणना?

जनगणना किसी भी राज्य और देश के विकास की रीढ़ मानी जाती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं की योजनाएं बनाती है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने भी अपने संदेश में कहा कि “आज दी गई सही जानकारी ही कल के विकसित राजस्थान और विकसित भारत का आधार बनेगी।”


निष्कर्ष:

राजस्थान में जनगणना 2027 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर देकर सरकार ने पारदर्शिता और सुविधा दोनों को बढ़ावा दिया है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह सही और सटीक जानकारी देकर इस अभियान को सफल बनाए।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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