Download App Now Register Now

राजस्थान की नदियों में जहरीले रसायनों से बंजर हुई कृषि भूमि, SIT जांच में जुटी

जयपुर। राजस्थान के जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों की कपड़ा रंगाई-छपाई इकाइयों से निकलने वाले जहरीले रसायनों और अपशिष्टों के कारण लूनी, जोजर और बांडी नदियों में पानी प्रदूषित हुआ है। इस प्रदूषण से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि बंजर हो गई और चारागाहों को भी नुकसान हुआ।

सर्वोच्च न्यायालय की सख्ती के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लवली कटियार कर रहे हैं। एसआईटी नदियों को प्रदूषित करने वाले नेटवर्क, स्थानीय अधिकारियों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।

पूर्व न्यायाधीश संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारीयों को जहरीले रसायनों और सीवरेज पर नियंत्रण के निर्देश दिए। लापरवाही के आरोप में बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी कामिनी सोंगरा को पद से हटाया गया और सहायक पर्यावरण अभियंता कुणाल खत्री और देवेंद्र सिंह को निलंबित किया गया।

जांच में सामने आया कि निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से कई वर्षों से रसायनों को नदियों में बहाया जा रहा था। राज्य सरकार अब जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान और इकाइयों को बंद करवाने में जुटी है। प्रभावित किसानों को अपनी खाद्य फसल अन्य स्रोत से खरीदनी पड़ रही है।

यह मामला 16 सितंबर, 2025 को सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचा था। न्यायालय ने वीडियो डॉक्यूमेंट्री के आधार पर कमेटी गठित की थी, जिसने मार्च में रिपोर्ट पेश कर प्रभावित क्षेत्रों की 95% फसलें बर्बाद होने की बात कही। उच्च न्यायालय ने पाली, बालोतरा और जोधपुर में विशेष न्यायालय खोलने के निर्देश दिए हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू | | JDA के नोटिस के बावजूद चल रहा “Boss Cafe” का रूफटॉप रेस्टोरेंट, स्टे की आड़ में नियमों को चुनौती? | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |