राजस्थान सरकार नगरीय निकायों और पंचायत चुनावों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। सरकार जल्द ही विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर सकती है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने संकेत दिए कि इस संबंध में मंथन किया जा रहा है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने 22 मई को सरकार को निर्देश दिया था कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक पूरे कर लिए जाएँ। लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के 13 दिन बाद भी निर्वाचन प्रक्रिया में तेजी नहीं दिखाई दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक जिला अधिकारियों के लिए कोई नया आधिकारिक परिपत्र या मार्गदर्शिका जारी नहीं की है।
राजस्थान में चुनाव की राह में सबसे बड़ा तकनीकी रोड़ा राज्य ओबीसी आयोग की आरक्षण रिपोर्ट का लंबित होना है। नियमों के अनुसार सीटों के आरक्षण का सही और नया खाका तैयार किए बिना चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव नहीं है। वर्तमान में ओबीसी आयोग 400 से अधिक ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय निकाय क्षेत्रों के जनसांख्यिकीय आंकड़े जुटाने में लगा हुआ है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही रोटेशन के आधार पर ओबीसी वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा।
राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय मांग सकती है, संभावना है कि सरकार सितंबर तक का समय देने का अनुरोध करेगी।
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