प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस के राजनीतिक अभियानों को असफल बताते हुए कहा कि पार्टी एक फेल प्रोजेक्ट को बार-बार नए तरीके से लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास करती है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जोशी ने कहा कि कांग्रेस करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिना सत्यापन के सभी नाम दोबारा जोड़ दिए जाने चाहिए? उनके अनुसार, मतदाता सूची में ऐसे नाम भी हो सकते हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं या जिनका पता नहीं चल पाया है।
उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन की प्रक्रिया उपलब्ध है। ऐसे में कांग्रेस को भ्रम फैलाने के बजाय मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक विधान परिषद और त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। जोशी ने सवाल उठाया कि जब चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं, तब भी कांग्रेस चुनाव परिणामों और चुनाव आयोग पर सवाल क्यों उठाती है?
उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों एमएस गिल, टीएन शेषन और नवीन चावला का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पुराने कार्यकाल और चुनाव आयोग के प्रति उसके रवैये पर भी सवाल खड़े किए।
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता परिवर्तन के संदर्भ में बांग्लादेश का उदाहरण देकर भारत में राजनीतिक अस्थिरता की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है। जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनती है।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए जोशी ने कहा कि पार्टी दिवाली के समय प्रदर्शन कर व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रदर्शनों से व्यापारियों को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज कर रही है और देश में 2.40 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं।
केंद्रीय मंत्री ने न्यायपालिका को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अदालत का फैसला पार्टी के पक्ष में आता है तो उसे सही बताया जाता है, जबकि विपरीत फैसला आने पर न्यायपालिका पर सवाल उठाए जाते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर भी सवाल किए और कहा कि उनके विदेश दौरों तथा वहां होने वाली मुलाकातों के बारे में जनता को जानकारी मिलनी चाहिए। इसके अलावा चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग की चर्चा पर भी उन्होंने विपक्ष से सवाल किए।
जोशी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ देती रहेगी। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक अभियानों को सत्ता में वापसी का प्रभावी रास्ता मानने से इनकार किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ भी मौजूद रहे। SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर दोनों दलों के बीच जारी बयानबाजी से राजस्थान की राजनीति में भी सियासी टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है।
नोट: प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप और आंकड़े केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के बयानों पर आधारित हैं।
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