जयपुर। राजस्थान में हेल्थकेयर सेक्टर को नई तकनीक और डिजिटल इनोवेशन से जोड़ने को लेकर शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में ICC राजस्थान हेल्थकेयर समिट-2026 का आयोजन किया गया। समिट में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, अस्पताल संचालकों, चिकित्सकों, तकनीकी विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने हेल्थकेयर के बदलते स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
समिट का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल हेल्थ और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने किया। उन्होंने AI को स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य की महत्वपूर्ण जरूरत बताते हुए कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में रोजाना 10 लाख से अधिक लोग स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेते हैं। इतने बड़े और सीधे तौर पर जनता से जुड़े सेक्टर में रोजाना कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं।
गायत्री राठौड़ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास बड़ी मात्रा में डेटा उपलब्ध है, लेकिन इस डेटा का प्रभावी तरीके से विश्लेषण करना, समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान तलाशना पहले चुनौतीपूर्ण था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने डेटा के विश्लेषण और समस्याओं की पहचान को काफी आसान बनाया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होते हैं, जिन्हें सरकार की आगामी कार्ययोजनाओं में शामिल किया जा सकता है।
प्रमुख चिकित्सा सचिव ने आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन (ABDM) का जिक्र करते हुए कहा कि देश के नागरिकों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। राजस्थान में इस दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है और अब तक 5.5 करोड़ से ज्यादा ABHA IDs बनाई जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार होने से मरीजों को इलाज के दौरान अपने पुराने मेडिकल रिकॉर्ड साथ लेकर चलने की जरूरत कम होगी। मरीज राजस्थान में इलाज कराए या देश के किसी अन्य हिस्से में, डिजिटल रिकॉर्ड की उपलब्धता से चिकित्सकों को मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
कार्यक्रम में ICC राजस्थान स्टेट काउंसिल के चेयरमैन जय कृष्ण जाजू ने कहा कि इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स का हमेशा प्रयास रहा है कि नई तकनीकों और विचारों को आगे बढ़ाया जाए। हेल्थ सेक्टर में इस समय कई चुनौतियां हैं और इन चुनौतियों से निपटने में डेटा और AI किस तरह मददगार हो सकते हैं, इसी सोच के साथ हेल्थकेयर समिट का आयोजन किया गया।
जाजू ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आम लोगों में भी स्वास्थ्य को लेकर जानकारी हासिल करने की जिज्ञासा बढ़ी है। लोग ChatGPT और Gemini जैसे AI टूल्स से स्वास्थ्य संबंधी सवाल पूछ रहे हैं, जो एक ओर जागरूकता बढ़ाने वाला बदलाव है, लेकिन दूसरी ओर डॉक्टरों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर रहा है।
समिट के दौरान आयोजित पैनल डिस्कशन में स्वास्थ्य क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने AI और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। इनमें पद्मश्री डॉ. माया टंडन, वरिष्ठ गैस्ट्रो सर्जन डॉ. राजेश भोजवानी, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश गुप्ता, डॉ. रासबिहारी रूगटा और डॉ. सुहासिनी जैन समेत कई विशेषज्ञ शामिल रहे।
पैनल चर्चा में AI के जरिए मरीजों की बेहतर देखभाल, हेल्थ डेटा के प्रभावी इस्तेमाल, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और AI के इस्तेमाल से जुड़ी चुनौतियों जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया।
ICC राजस्थान हेल्थकेयर समिट-2026 में हुई चर्चा से यह संकेत मिला कि आने वाले समय में AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा बनने जा रही हैं। विशेषज्ञों ने तकनीक के इस्तेमाल के साथ डेटा सुरक्षा, सटीक जानकारी और डॉक्टरों की विशेषज्ञता के महत्व पर भी जोर दिया।
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