Download App Now Register Now

जयपुर में फेक कॉल सेंटर का खुलासा, 300 रुपए में गेम ID खोलकर ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार।

जयपुर। राजधानी जयपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक फेक कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जहां से ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की जा रही थी। यह पूरा रैकेट महज 300 रुपए में गेम ID एक्टिवेट कर लोगों को जाल में फंसाता था, ताकि छोटी रकम होने के कारण पीड़ित पुलिस में शिकायत न करें।

जयपुर पुलिस ने रविवार को रामनगरिया इलाके में स्थित एक लग्जरी फ्लैट पर छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कॉल सेंटर पिछले करीब 6 महीनों से एक लाख रुपए मासिक किराए के फ्लैट से संचालित हो रहा था।

दुबई से जुड़ी लेजर ID से चलता था ऑनलाइन सट्टा

स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा चला रहे थे। यह प्लेटफॉर्म लेजर ID से संचालित था, जिसकी तकनीकी लाइन दुबई से जुड़ी हुई थी। इसी विदेशी कनेक्शन के जरिए पैसों का लेन-देन किया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामनगरिया इलाके के एक फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और मौके से कॉल सेंटर का पूरा सेटअप बरामद किया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 युवकों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान इस प्रकार है—

  1. अदनान अहमद – निवासी नींदर रावजी का रास्ता, जयपुर

  2. अबु हमजा – निवासी एक मीनार मस्जिद, चांदपोल, जयपुर

  3. संपत कीर – निवासी चित्तौड़गढ़

  4. हेमेंद्र सिंह राणावत – निवासी शाहपुरा, भीलवाड़ा

  5. उत्तम राम – निवासी लतासर, बाड़मेर

  6. उमेश मल्होत्रा – निवासी धमतलपुरा, दतिया (मध्य प्रदेश)

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं।

9 घंटे चलता था फेक कॉल सेंटर

पूछताछ में सामने आया कि यह फेक कॉल सेंटर रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित किया जाता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी लोगों को फोन कर ऑनलाइन गेम और सट्टा खेलने का लालच देते थे।

  • शुरुआत में 300 रुपए लेकर गेम ID एक्टिवेट करवाई जाती थी

  • छोटी रकम होने से पीड़ित शिकायत नहीं करते थे

  • भरोसा दिलाने के लिए कुछ लोगों को रिफंड या छोटा मुनाफा भी दिया जाता था

  • जब ग्राहक बड़ी रकम निवेश करता, तो संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता था

पुलिस के अनुसार, आरोपी रोजाना 4 से 5 लाख रुपए की ठगी कर रहे थे।

फर्जी बैंक खातों से होता था पैसों का खेल

जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम को छुपाने के लिए आरोपी फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। ये खाते—

  • 10 हजार से 50 हजार रुपए में खरीदे जाते थे

  • फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए जाते थे

  • रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेस से बचा जाता था

कॉल सेंटर में काम करने वाले आरोपियों को 2 से 5 प्रतिशत प्रतिदिन कमीशन दिया जाता था।

बाड़मेर से जयपुर आया था पार्टनर

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उत्तम राम, जो बाड़मेर का रहने वाला है, इस कॉल सेंटर का पार्टनर है। वह रविवार को विशेष रूप से कॉल सेंटर संभालने के लिए जयपुर आया था। पुलिस को शक है कि इस रैकेट से जुड़े और भी लोग बाहर के राज्यों व विदेश में सक्रिय हो सकते हैं।

पुलिस अब क्या कर रही है?

जयपुर पुलिस अब—

  • बैंक खातों की गहन जांच

  • दुबई कनेक्शन की पड़ताल

  • डिजिटल ट्रांजैक्शन का ऑडिट

  • अन्य संभावित आरोपियों की पहचान

पर काम कर रही है। साइबर क्राइम एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


निष्कर्ष

जयपुर फेक कॉल सेंटर का यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब बेहद छोटे अमाउंट से लोगों को फंसाकर बड़े फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। 300 रुपए जैसी मामूली रकम के जरिए विश्वास जीतकर करोड़ों की ठगी की जा रही थी। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू | | JDA के नोटिस के बावजूद चल रहा “Boss Cafe” का रूफटॉप रेस्टोरेंट, स्टे की आड़ में नियमों को चुनौती? | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |