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किन्नर अखाड़े से बाहर हुईं महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बयान बना वजह, अखाड़े ने तोड़ा रिश्ता

प्रयागराज। महाकुंभ 2025 के दौरान महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर सुर्खियों में रहीं अभिनेत्री से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी को अब किन्नर अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने 27 जनवरी को एक वीडियो जारी कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से कोई भी संबंध नहीं है और न ही वह अखाड़े की सदस्य या पदाधिकारी हैं।


अखाड़े ने क्यों लिया बड़ा फैसला

डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अपने बयान में कहा कि अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा—

“हमारे अखाड़े में महिला, पुरुष और किन्नर सभी हैं। हम किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते। मौनी अमावस्या के दिन जिस तरह बटुक ब्राह्मणों के साथ मारपीट हुई, उससे अखाड़ा भी आहत है।”

अखाड़े के अनुसार, हालिया घटनाक्रम और बयानों से धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा था, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा।


अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी बनी विवाद की जड़

25 जनवरी को ममता कुलकर्णी (यामाई ममता नंद गिरि) ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि—

“10 में से 9 तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उनका ज्ञान शून्य है।”

इसके साथ ही उन्होंने दो सवाल भी उठाए थे—

  • शंकराचार्य की नियुक्ति किसने की?

  • करोड़ों की भीड़ में पालकी लेकर निकलने की क्या आवश्यकता थी?


शिष्यों की पिटाई का लगाया आरोप

ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरानंद की जिद और निर्णयों के कारण उनके शिष्यों को मारपीट झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि—

“गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी है, न कि ऐसा अहंकार जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।”


राजनीति पर भी दिए तीखे बयान

ममता कुलकर्णी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से गोहत्या रोकने को लेकर सवाल किया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि धर्म को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। ऋग्वेद के संदर्भ देते हुए उन्होंने कानून के पालन और अहंकार त्यागने की बात कही थी।

उन्होंने यह भी कहा था—

“सिर्फ चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता।”


पीएम मोदी की खुलकर की थी तारीफ

IANS को दिए इंटरव्यू में ममता कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि—

“फिलहाल पीएम मोदी के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आता। मोदी हैं तो सब ठीक है।”


महाकुंभ में ऐसे बनी थीं महामंडलेश्वर

23 जनवरी 2025 को ममता कुलकर्णी अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मुलाकात और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी से चर्चा के बाद उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया था और नाम रखा गया यामाई ममता नंद गिरि

हालांकि, बाबा रामदेव, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री समेत कई संतों ने इसका विरोध किया था।


इस्तीफा, वापसी और फिर निष्कासन

10 फरवरी को ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन 12 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। अब अखाड़े ने उन्हें पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया है।


विवादों से पुराना नाता

बॉलीवुड करियर के दौरान भी ममता कुलकर्णी कई विवादों में रहीं। 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट, फिल्म ‘चाइना गेट’ से जुड़ा विवाद, अंडरवर्ल्ड डॉन विक्की गोस्वामी से रिश्तों की चर्चाएं और बाद में आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख—उनका जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा।


निष्कर्ष:

महाकुंभ 2025 में महामंडलेश्वर बनाए जाने से लेकर किन्नर अखाड़े से निष्कासन तक, ममता कुलकर्णी का आध्यात्मिक सफर विवादों से भरा रहा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दिए गए तीखे बयान और लगातार राजनीतिक-धार्मिक टिप्पणी आखिरकार उनके अखाड़े से बाहर होने का कारण बन गई। यह मामला धर्म, राजनीति और सार्वजनिक बयानबाजी के बीच बढ़ते टकराव को भी उजागर करता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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