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“बीजेपी सांसद भी दूसरे राज्यों में देते हैं MP लैड फंड का पैसा”, संजना जाटव के आरोपों से सियासी घमासान तेज

नई दिल्ली / जयपुर। सांसद निधि (MP LAD Fund) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा कांग्रेस सांसदों पर अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर सांसद निधि देने के आरोपों के बाद, कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने पलटवार करते हुए बीजेपी सांसदों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

संजना जाटव ने NDTV से बातचीत में कहा कि यदि कांग्रेस सांसदों द्वारा दूसरे राज्यों में सांसद निधि देने पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो बीजेपी के कई सांसद भी ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सब नियमों के दायरे में किया गया है।


“बीजेपी सांसद भी दूसरे राज्यों में दे चुके हैं फंड”

संजना जाटव ने आरोप लगाया कि राजस्थान से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सांसद निधि से पंजाब के जालंधर, अमृतसर और करनाल में विकास कार्यों के लिए राशि की अनुशंसा की है।

उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सांसद चुन्नीलाल गरासिया और राजेंद्र गहलोत ने अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर उत्तर प्रदेश में भी सांसद निधि के पैसे खर्च किए हैं।


चुन्नीलाल गरासिया ने मानी सिफारिश की बात

NDTV ने इस मामले में संबंधित सांसदों से संपर्क करने की कोशिश की। जहां राजेंद्र गहलोत से संपर्क नहीं हो सका, वहीं सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने स्वीकार किया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जनहित और जन-उपयोगी कार्यों के लिए सांसद निधि से राशि की सिफारिश की है।

गरासिया ने कहा कि सांसद सालाना 50 लाख रुपए तक की राशि दूसरे राज्यों में विकास कार्यों के लिए देने की सिफारिश कर सकते हैं।


“हरियाणा को पैसा देने का मामला नियमों में”

अपनी ओर से हरियाणा के कैथल में सांसद निधि देने के सवाल पर संजना जाटव ने कहा कि यह फैसला भी पूरी तरह नियमों के अनुसार लिया गया है।

उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने भी उनके संसदीय क्षेत्र भरतपुर के लिए 1 करोड़ रुपए की सांसद निधि दी है। हालांकि, इस पर सवाल उठे कि सुरजेवाला राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए वे राज्य के भीतर कहीं भी निधि दे सकते हैं।


सांसद निधि के नियमों में हुआ बदलाव

इस पूरे विवाद के बीच संजना जाटव और सांसद राहुल कस्वां ने एक दस्तावेज साझा कर कहा कि सांसद निधि के नियमों में केंद्र सरकार ने संशोधन किया है।

उन्होंने बताया कि:

  • पहले दूसरे राज्य में सांसद निधि खर्च करने की सीमा 5% थी

  • अब इसे बढ़ाकर सालाना 50 लाख रुपए कर दिया गया है

  • यह संशोधन 13 अगस्त 2024 को लागू हुआ

उनका कहना है कि उनकी ओर से की गई सभी सिफारिशें इसी संशोधित नियम के तहत हैं।


निष्कर्ष:

एमपी लैड फंड को लेकर उठा यह विवाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। कांग्रेस सांसद संजना जाटव के आरोपों ने बीजेपी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। नियमों में हुए संशोधन के बाद दूसरे राज्यों में सांसद निधि देने का मुद्दा अब राजनीति का नया अखाड़ा बनता दिख रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी बहस तय मानी जा रही है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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