Download App Now Register Now

काबुल-कंधार पर पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक! डूरंड लाइन पर भड़का बारूद—क्या अफगानिस्तान से जंग अब तय?

दक्षिण एशिया: में एक बार फिर बारूद की गंध तेज हो गई है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से simmer कर रहा सीमा विवाद अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता दिख रहा है। डूरंड लाइन पर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में एयरस्ट्राइक करने का दावा किया है। दूसरी ओर, अफगान तालिबान ने भी पाकिस्तानी चौकियों पर बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की बात कही है।

यह टकराव उस समय और गंभीर हो गया जब दोनों देशों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया। सवाल यह है कि क्या यह सीमित सैन्य झड़प है या पूर्ण युद्ध की भूमिका बन रही है?


डूरंड लाइन: दशकों पुराना विवाद

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मानी जाने वाली डूरंड रेखा लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है। अफगानिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इस सीमा को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। सीमा पार घुसपैठ, उग्रवादी गतिविधियां और चौकियों पर फायरिंग की घटनाएं समय-समय पर होती रही हैं।

हाल के दिनों में सीमा पर फायरिंग और छोटे स्तर की झड़पें बढ़ी थीं, लेकिन अब हालात कहीं ज्यादा गंभीर हो गए हैं।


अफगान सेना का दावा: 15 पाक चौकियों पर कब्जा

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार की गोलीबारी और कथित हमलों के जवाब में अफगान सेना ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। दावा किया गया कि पाकिस्तानी सेना की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है।

तालिबान प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।


पाकिस्तान का जवाब: ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन

पाकिस्तान की ओर से सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि अफगान तालिबान के “बिना उकसावे” हमले के जवाब में पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया।

इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में कथित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 133 तालिबान ऑपरेटिव मारे गए, 200 से अधिक घायल हुए, 27 चौकियां तबाह की गईं और 9 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया।

हालांकि, अफगान पक्ष ने हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।


काबुल और कंधार में रातभर धमाके

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, काबुल और कंधार में देर रात कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। नागरिक इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में चमकते धमाके और एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग के दृश्य देखे गए।

तालिबान प्रशासन ने पुष्टि की कि पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक की है, लेकिन कहा कि नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।


क्या जंग की ओर बढ़ रहे हैं हालात?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव यदि जल्द नहीं थमा तो पूर्ण युद्ध में बदल सकता है। दोनों देशों के बीच पहले भी सीमा विवाद हुए हैं, लेकिन राजधानी और बड़े शहरों पर एयरस्ट्राइक जैसी कार्रवाई अभूतपूर्व मानी जा रही है।

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद से पाकिस्तान-अफगान संबंधों में उतार-चढ़ाव रहा है। पाकिस्तान ने कई बार आरोप लगाया है कि उसकी सीमा के भीतर सक्रिय आतंकी समूहों को अफगान धरती से समर्थन मिल रहा है। वहीं, तालिबान प्रशासन पाकिस्तान पर सीमा उल्लंघन और बमबारी के आरोप लगाता रहा है।


क्षेत्रीय और वैश्विक असर

यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह सकता। दक्षिण एशिया में अस्थिरता का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। चीन, अमेरिका और रूस जैसे बड़े देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

यदि हालात बिगड़ते हैं, तो शरणार्थियों का नया संकट खड़ा हो सकता है। पहले से आर्थिक संकट झेल रहे अफगानिस्तान के लिए यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।


सीमा पर सैन्य जमावड़ा

सूत्रों के मुताबिक, डूरंड लाइन के पास दोनों देशों ने अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं। सीमा क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। स्कूल और बाजार बंद कर दिए गए हैं।

पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि वह “हर हमले का करारा जवाब” देगी। वहीं, तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो “जवाब और भी कठोर होगा।”


कूटनीतिक रास्ता या सैन्य टकराव?

विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देशों के बीच संवाद की तत्काल जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी हस्तक्षेप कर शांति वार्ता का रास्ता निकालना चाहिए।

हालांकि मौजूदा बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई को देखते हुए स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।


नागरिकों पर असर

काबुल और कंधार जैसे शहरों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए यह रात दहशतभरी रही। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।

मानवीय संगठनों ने चिंता जताई है कि यदि संघर्ष बढ़ा, तो स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।


निष्कर्ष:

पाकिस्तान द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिया में की गई एयरस्ट्राइक और अफगान तालिबान की जवाबी कार्रवाई ने डूरंड लाइन पर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दोनों पक्ष भारी नुकसान के दावे कर रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि का अभाव स्थिति को और जटिल बनाता है।

क्या यह सीमित सैन्य कार्रवाई है या पूर्ण युद्ध की शुरुआत? इसका जवाब आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू | | JDA के नोटिस के बावजूद चल रहा “Boss Cafe” का रूफटॉप रेस्टोरेंट, स्टे की आड़ में नियमों को चुनौती? | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |