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.राजस्थान में कीटनाशक संपर्क से 535 किसानों की मौत, मुआवजे में भारी असमानता

  • राजस्थान से एक बेहद चिंताजनक और दुखद खबर सामने आई है। राज्य विधानसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 से जनवरी 2026 तक कीटनाशक (पेस्टिसाइड) के छिड़काव और उसके सीधे संपर्क में आने से कुल 535 किसानों की मौत हुई है। सरकार ने बताया कि इस अवधि के दौरान पीड़ित परिवारों को कुल 5.1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौत और मुआवजे में भारी विसंगतियां देखने को मिली हैं।

बीकानेर जिले में सबसे ज्यादा 57, चुरू में 56, हनुमानगढ़ में 42, झालावाड़ में 42, जोधपुर में 38, श्रीगंगानगर और ब्यावर में 31-31, डीग में 8 और कोटा में 11 किसानों की मौत हुई। मुआवजा वितरण में विसंगतियां रही; उदाहरण के लिए, झालावाड़ में 42 मौतों के बावजूद केवल 18 लाख रुपये और डीग में कोई मुआवजा नहीं मिला, जबकि बीकानेर को 92 लाख, चुरू को 72 लाख और जोधपुर को 58 लाख रुपये मुआवजा मिला। अधिकारियों का कहना है कि अंतर क्लेम वेरिफिकेशन और अप्रूवल प्रक्रिया में देरी के कारण है।

साथ ही, पिछले दो वर्षों में राज्यभर से लिए गए 5,521 कीटनाशक सैंपलों में से 189 सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए। इसके बाद 282 नोटिस जारी किए गए, 14 अदालती मामले दर्ज किए गए, 14 लाइसेंस निलंबित किए गए और 22 लाइसेंस पूरी तरह रद्द किए गए। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में 17-17 सैंपल फेल हुए, बीकानेर में 13 और कोटा में 10 सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए।

यह रिपोर्ट रासायनिक खेती के खतरनाक पहलुओं, किसानों की सुरक्षा में चूक और नकली/घटिया कीटनाशकों की बिक्री पर गंभीर सवाल उठाती है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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