Download App Now Register Now

Nepal Flood: नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़, कई घर और पुल बहे; 4 लोग लापता, बिहार तक अलर्ट की चिंता

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ की खबर को TNI आवाज़ की वेबसाइट के लिए विस्तृत हिंदी रिपोर्ट के रूप में तैयार किया है। इसमें मुख्य घटनाक्रम, नुकसान, लापता लोगों, प्रशासन के अलर्ट, बिहार पर संभावित असर और बाढ़ के कारणों को शामिल किया गया है। किसी दूसरे समाचार चैनल या एजेंसी का नाम नहीं जोड़ा गया है।

धार्चे पहिरोमा बेपत्ताको खोजी जारी | Sakriya News | Nepali Online News Portal

बुढीगण्डकीमाथि बेलिब्रिज निर्माण हुँदै

Erosion in Budhi Gandaki River displaces 33 families

4

नेपाल के गोरखा जिले में बाढ़, क्षतिग्रस्त पुलों और नदी किनारे के इलाकों से संबंधित फोटो संदर्भ। तस्वीरों की घटना-विशेष पहचान प्रकाशन से पहले सत्यापित करें।

Nepal Flood: नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़, कई घर और पुल बहे; 4 लोग लापता, बिहार तक अलर्ट की चिंता

नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की सुबह अचानक आई बाढ़ ने गोरखा जिले के कई इलाकों में तबाही मचा दी। बूढ़ी गंडकी नदी और इससे जुड़ी जलधाराओं में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से कई घर, पुल और अन्य निर्माण बह गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चार लोग लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है। बाढ़ से जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

पहाड़ी इलाके में भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने और फिर पानी का दबाव बढ़ने को बाढ़ की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, घटना के सटीक कारण और नुकसान का आकलन अभी जारी है।

सुबह करीब 4 बजे अचानक बढ़ा पानी, लोगों में दहशत

नेपाल के गोरखा जिले की चुन्चुब्री ग्रामीण नगरपालिका और आसपास के क्षेत्रों में रविवार तड़के नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे नदी की ओर से तेज गर्जना जैसी आवाजें सुनाई दीं। कुछ ही देर में पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों तक पहुंच गया।

अचानक आई बाढ़ के कारण नदी किनारे स्थित घरों, दुकानों और अन्य निर्माणों को नुकसान पहुंचा। कई लोगों को सामान निकालने तक का समय नहीं मिला और वे जान बचाने के लिए ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

चार लोग लापता, मवेशियों के शेड भी बहे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चुन्चुब्री ग्रामीण नगरपालिका के चुमचेत क्षेत्र में उंगलुंग नदी के किनारे एक शेड में रह रहे चार लोग लापता बताए गए हैं। ये लोग वहां मवेशियों की देखभाल के लिए रह रहे थे। स्थानीय लोग उनकी तलाश में जुटे हैं।

बाढ़ में मवेशियों के शेड और पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रशासन और सुरक्षा दल प्रभावित इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में मानव मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट होने तक चिंता बनी हुई है।

कई पुल और घर बाढ़ में बहे

बूढ़ी गंडकी नदी में आए तेज बहाव ने सड़क संपर्क और स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती रिपोर्टों में कई पुलों के बहने और घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।

प्रभावित क्षेत्रों में जगत, सल्लेरी, माछाखोला, सोती और आसपास की बस्तियों का उल्लेख किया गया है। कुछ जगहों पर पानी घरों में घुस गया, जबकि नदी किनारे बने कई निर्माण बह गए। पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों में परेशानी आने की आशंका है।

नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हुआ है। अलग-अलग प्रभावित बस्तियों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर प्रशासन स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

341 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना को भी नुकसान

बाढ़ की चपेट में बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना का निर्माण स्थल भी आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, निर्माण कैंप और वहां मौजूद कुछ मशीनों को नुकसान पहुंचा है।

पहाड़ी नदियों में अचानक आने वाला तेज बहाव निर्माण स्थलों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। ऐसे इलाकों में भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

परियोजना को हुए कुल नुकसान और निर्माण कार्य पर पड़ने वाले असर का आकलन अभी किया जाना बाकी है।

भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद होने की आशंका

प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि गोरखा जिले के ऊपरी पहाड़ी इलाके में भूस्खलन के कारण स्यार नदी या उससे जुड़ी जलधारा का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। इससे पानी एक जगह जमा होने लगा। जब मिट्टी, पत्थर और मलबे से बनी रुकावट टूटी, तो पानी तेजी से नीचे की ओर बहा और बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक उफान आ गया।

हालांकि, नदी के रास्ते में रुकावट की सही जगह और बाढ़ की पूरी प्रक्रिया की पुष्टि होना बाकी है। अधिकारियों की ओर से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।

बिना बारिश के भी कैसे आती है अचानक बाढ़?

पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण नदी या नाले का रास्ता बंद हो सकता है। पानी के पीछे जमा होने से अस्थायी झील जैसी स्थिति बन जाती है। जब मिट्टी और पत्थरों की रुकावट टूटती है, तो पानी बेहद तेज गति से नीचे उतरता है।

इस तरह की बाढ़ अपने साथ बड़े पत्थर, पेड़ और मलबा बहाकर लाती है। इससे नदी किनारे बसे गांवों, पुलों, सड़कों और घरों को भारी नुकसान हो सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं कि प्रभावित गांव में उसी समय बारिश हुई हो।

प्रशासन ने SMS भेजकर लोगों को किया अलर्ट

बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

चुन्चुब्री, धारचे और आरुघाट क्षेत्र की कई बस्तियों में लोगों को सतर्क किया गया। सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं। कुछ क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और मोबाइल संदेशों के जरिए भी चेतावनी दी गई।

प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, जोखिम वाले इलाकों से लोगों को निकालना और नदी के बहाव पर नजर रखना है।

बिहार तक क्यों बढ़ सकती है चिंता?

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के बाद भारत के बिहार में भी नदी के जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ सकती है। बूढ़ी गंडकी नदी आगे त्रिशूली नदी से जुड़ती है। इसके बाद पानी देवघाट के पास नारायणी नदी में पहुंचता है। भारत में नारायणी नदी को गंडक के नाम से जाना जाता है, जो बिहार से होकर आगे गंगा में मिलती है।

बिहार में पश्चिम चंपारण और गोपालगंज समेत गंडक नदी के आसपास के निचले इलाकों में जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है। नदी में पानी की मात्रा बढ़ने पर तटवर्ती क्षेत्रों में असर पड़ सकता है।

हालांकि, नेपाल में आई इस बाढ़ का बिहार में कितना प्रभाव पड़ेगा, यह पानी के बहाव, नदी के मौजूदा जलस्तर और आगे के मौसम पर निर्भर करेगा। फिलहाल केवल इस घटना के आधार पर बिहार में बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में फिर चिंता

नेपाल अभी अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभावों से उबरने की कोशिश कर रहा है। 26 अगस्त 2026 को आई उस आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। शुरुआती और बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 1,455 के आसपास बताई गई, जबकि 5,285 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी।

उस आपदा में घरों, पुलों, सड़कों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा था। राहत और पुनर्वास की चुनौतियों के बीच अब गोरखा जिले में नई बाढ़ ने नदी किनारे बसे समुदायों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

आगे क्या?

फिलहाल गोरखा जिले में लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का आकलन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। नेपाल में नदी के निचले इलाकों के लोगों को प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने और नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

बिहार में भी गंडक नदी के जलस्तर और संबंधित आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। बाढ़ के कारण, नुकसान और संभावित प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के साथ आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

नोट: यह एक विकसित होती हुई खबर है। लापता लोगों की स्थिति, नुकसान के आंकड़े और बिहार पर संभावित प्रभाव से संबंधित जानकारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदल सकती है।

Erosion in Budhi Gandaki River displaces 33 families

फोटो 1: नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त घर

बाढीले गोरखाको बेनिघाट–आरुघाट सडक खण्ड अवरुद्ध | नेपाल पथ NepalPath

फोटो 2: बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल

पालुङटारमा बाढी : दुई मोटरेबल पुल बगायो - कान्तिपुर

फोटो 3: राहत और बचाव अभियान

Budhigandaki project unable to meet recurrent expenses

फोटो 4: बूढ़ी गंडकी नदी और पहाड़ी क्षेत्र

ध्यान दें: ये फोटो खोज के लिए दृश्य संदर्भ हैं, घटना की प्रमाणित तस्वीरें होने की गारंटी नहीं है। वेबसाइट पर प्रकाशित करने से पहले वास्तविक घटना की तस्वीरों और उनके उपयोग की अनुमति की पुष्टि करें।

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
बीज घोटाले की जांच CBI से कराने की मांग, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा CM भजनलाल शर्मा को लिखेंगे पत्र | Gen-Z IPS अभिजीत पाटील का कमाल: AI और NATGRID की मदद से गैंगस्टरों पर कसा शिकंजा | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भरतपुर को बड़ी सौगात, 1,186 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण | जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति, 196.39 करोड़ रुपये के वार्षिक प्रस्तावों को मिली मंजूरी | इकोलॉजिकल ज़ोन में 'अयोध्या नगर'! 42 बीघा कृषि भूमि पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग, जेडीए आखिर खामोश क्यों? | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | |