राजस्थान: में सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। Rajasthan Police Special Operations Group (एसओजी) ने ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती परीक्षा 2022 में खेल कोटे के जरिए फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनमें 19 अभ्यर्थी और एक अन्य आरोपी शामिल है। एसओजी ने इस मामले में राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा के एक स्थान पर एक साथ छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा।
एसओजी के एडीजी Vishal Bansal ने बताया कि इन अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो के फर्जी खेल प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की थी।
इस मामले में एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया।
राजस्थान में पिछले पांच वर्षों में हुई सरकारी भर्तियों की जांच एसओजी कर रही है। इसी जांच के दौरान ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती परीक्षा-2022 में खिलाड़ी कोटे से चयनित कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए।
जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि कई अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी प्राप्त की है।
जांच के दौरान एक अहम सुराग सामने आया। एसओजी को Yogendra Kumar के मोबाइल में ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला।
इस ईमेल में 39 अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण पत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजने की बात लिखी थी।
लेकिन जब अधिकारियों ने ईमेल को गौर से देखा तो उसमें “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत पाई गई।
यहीं से अधिकारियों को शक हुआ कि इतना बड़ा फेडरेशन आधिकारिक ईमेल में ऐसी गलती कैसे कर सकता है।
इसके बाद एसओजी ने तकनीकी जांच शुरू की और Google से जीमेल संबंधी जानकारी मांगी।
जांच में सामने आया कि संदिग्ध ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और इसका इस्तेमाल Vimalendu Kumar Jha नाम का व्यक्ति कर रहा था।
जब जांच में पता चला कि Taekwondo Federation of India की सूची में इस नाम का कोई पदाधिकारी नहीं है, तो एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी विमलेंदु कुमार झा की निशानदेही पर एसओजी ने उसके सहयोगी Ravi Sharma को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस ने फर्जी ईमेल बनाने में इस्तेमाल की गई मोबाइल सिम भी बरामद कर ली है।
जांच में सामने आया कि जब Directorate of Elementary Education Bikaner ने उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन को ईमेल भेजा, तब इसकी जानकारी आरोपियों तक पहुंच गई।
इसके बाद आरोपियों ने उसी से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर विभाग को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी।
फर्जी ईमेल आईडी:
secreatarytaekwondoindia@gmail.com
वास्तविक ईमेल आईडी:
secretarytaekwondoindia@gmail.com
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी Gajanand Prajapat ने अपनी पत्नी बसंती उर्फ बंटी प्रजापत के लिए दलाल को पैसे देकर फर्जी खेल प्रमाण पत्र बनवाया था और उसी के आधार पर खेल कोटे से आवेदन करवाया था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों को दलालों ने मोटी रकम लेकर फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए थे।
इस मामले में पांच दलालों की भूमिका सामने आई है। इनमें ओमप्रकाश महला, वेदप्रकाश पालीवाल, योगेंद्र कुमार, रघुवीर चौधरी और सतीश डुल शामिल हैं।
एसओजी ने इस मामले में Jodhpur, Bikaner, Sikar, Jhunjhunu, Nagaur समेत राजस्थान के 14 जिलों में छापेमारी की।
इसके अलावा हरियाणा के Rohtak में भी कार्रवाई की गई।
एसओजी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अभ्यर्थियों से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कितनी रकम ली गई और यह पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया सत्यापन ईमेल ताइक्वांडो फेडरेशन से आरोपियों तक कैसे पहुंचा।
ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती में सामने आया यह फर्जीवाड़ा राजस्थान की सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। एसओजी की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि फर्जी खेल प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। अब जांच आगे बढ़ने पर इस घोटाले में और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
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