जयपुर। राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे लंबा इंतजार कराया है। जून के अंतिम सप्ताह तक भी मानसून के प्रदेश में प्रवेश की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है और अगले तीन-चार दिनों में इसके आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह से बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। कोटा और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि जयपुर, भरतपुर और अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 2 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की प्रबल संभावना है और 3 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
जहां प्री-मानसून बारिश नहीं हुई, वहां तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंचने और उमस बढ़ने की चेतावनी दी गई है। पिछले 24 घंटों में कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि बांसवाड़ा के दानपुर में सबसे अधिक 75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अलवर जिले में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश दर्ज की गई और प्रशासन ने कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है।
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