राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने टोंक में आयोजित खटीक समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में सरकारी शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सख्त बयान दिए। उन्होंने कहा कि जो सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, वे अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं और उन्हें अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने कई सख्त फैसले लिए हैं, जिसके कारण शिक्षक उनसे नाराज हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि अब केवल अच्छे परिणाम दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों को न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा, और खराब प्रदर्शन पर शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान का शिक्षा स्तर पहले 14वें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है, और पहली बार सरकारी स्कूलों के छात्रों ने टॉप किया है।
दिलावर ने कहा कि सरकार गुटखा और शराब सेवन करने वाले शिक्षकों की सूची तैयार कर रही है, ताकि बच्चों पर गलत प्रभाव डालने वालों पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी समाज का हो।
उन्होंने पंचायतों में सफाई मद के पैसे के दुरुपयोग पर भी नाराजगी जताई और कहा कि यदि फंड का गलत उपयोग हुआ तो संबंधित अधिकारियों से वसूली की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्यों में लापरवाही करने वालों से पूरी राशि वसूली जाएगी और जरूरत पड़ने पर ब्याज सहित रिकवरी की जाएगी।
कार्यक्रम में जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने जल संकट और बंद पड़े कुओं-बावड़ियों को फिर से उपयोग में लाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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