राजस्थान के सीकर जिले के रींगस स्थित एनएच-52 सरगोठ में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें कोटपुतली–किशनगढ़ प्रस्तावित ग्रीन एक्सप्रेसवे को निरस्त करने की मांग उठाई गई। महापंचायत की अध्यक्षता किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
किसानों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे और परियोजना को तुरंत वापस लिया जाए। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार विरोध दर्ज कराने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
किसानों ने सरकार से अपील की कि भूमि अधिग्रहण की बजाय खेती, सिंचाई और रोजगार जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने ‘खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम’ की नीति लागू करने की मांग भी रखी।
यह परियोजना 181 किलोमीटर लंबी 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जो कोटपुतली से किशनगढ़ तक विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरती है। किसानों का कहना है कि इससे हजारों किसानों की जमीन प्रभावित होगी।
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