राजस्थान के फलौदी जिले के फतेहगढ़ स्थित एक कृषि फार्म पर 30 जून को एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस विभिन्न परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार मृतक गेनाराम अपनी पत्नी पुष्पा और दो बच्चों के साथ फतेहगढ़ में खेती का कार्य करता था। परिजनों के बयानों के अनुसार पुष्पा पिछले दो-तीन वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं और परिवार उनका विभिन्न स्थानों पर उपचार तथा धार्मिक अनुष्ठान भी करवा रहा था। घटना से एक दिन पहले परिवार कुलदेवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अपने पैतृक गांव बीठू गया था, जिसके बाद रात में सभी वापस फतेहगढ़ लौट आए।
अगली सुबह खेत स्थित मकान में गेनाराम फंदे से लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी और दोनों बच्चों के शव चारपाई पर पड़े मिले। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से पूजा-पाठ से जुड़ा सामान और अन्य साक्ष्य भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि पहले पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या की गई और उसके बाद गेनाराम ने फांसी लगाई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा। देचू थाना पुलिस का कहना है कि मृतक अपनी पत्नी की लंबे समय से खराब मानसिक स्थिति को लेकर तनाव में था, लेकिन मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक आशंका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गेनाराम अकेले तीन लोगों की हत्या करने में सक्षम नहीं था और पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए। पुलिस ने बताया कि किसी भी शव पर ऐसी बाहरी चोट नहीं मिली है जिससे सीधे मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सके। इसलिए पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।
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