राजस्थान। बीज कारोबार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी की FIR में दर्ज फोन कॉल्स और वार्तालापों ने जांच एजेंसियों को चौका दिया है। रिकॉर्ड पर सामने आई बातचीत में ‘सतीश’ और गिरफ्तार निदेशक जुगल किशोर के बीच सैंपल जांच प्रभावित करने, लैब रिपोर्ट ‘मैनेज’ कराने, करोड़ों रुपए के कथित लेन-देन और प्रभावशाली लोगों तक रकम पहुंचाने की बातें शामिल हैं।
वार्तालाप के अंशों में दिखाया गया है कि 28 सैंपल पास और 4 फेल कराने की रणनीति तैयार की गई थी। जुगल किशोर के फोन पर ‘मंत्री जी’ का जिक्र भी किया गया है। विभिन्न वार्तालापों में यह साफ होता है कि गिरोह ने प्रयोगशालाओं और बीज निगम के खातों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन किया। एक वार्ता में 80 लाख रुपए की थैली का जिक्र भी है, जबकि किसी अन्य वार्ता में दुर्गापुरा और अरावली एन्क्लेव में लेन-देन और फ्लैट का उल्लेख है।
फिर वार्तालाप में यह भी सामने आया कि सैंपल लैब में महीनों रखकर 28 पास और 4 फेल करने का मैनेज किया गया और पेमेंट वापस करने जैसी बातों का जिक्र भी हुआ। इन खुलासों से एसीबी की जांच में गंभीर और व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार के संकेत मिल रहे हैं।
राजस्थान बीज निगम घोटाले की FIR और फोन वार्तालाप के इन अंशों ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जांच एजेंसियां इस मामले के अन्य डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं, जिससे करोड़ों रुपए के और कथित लेन-देन का खुलासा हो सकता है।
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