जयपुर। दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के बीच यातायात को नई गति देने वाले रैपिड रेल प्रोजेक्ट (आरआरटीएस) का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ (एसएनबी) कॉरिडोर के राजस्थान हिस्से को लेकर राजस्थान और हरियाणा सरकार ने लागत साझेदारी पर सहमति कर ली है।
पहले चरण में बहरोड़ तक 130 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें 19 स्टेशन प्रस्तावित हैं। राजस्थान में शाहजहांपुर, नीमराना और बहरोड़ प्रमुख स्टेशन होंगे। परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से बहरोड़ की यात्रा महज 110 मिनट में पूरी हो सकेगी। बावल से राजस्थान सीमा तक लागत का 50 प्रतिशत हरियाणा सरकार उठाएगी, जबकि राजस्थान सीमा से बहरोड़ तक की लागत राजस्थान सरकार वहन करेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा, जैसे जापानी इंडस्ट्रियल जोन, घीलोठ और KBNIR। इससे उद्योगों की गतिविधियां बढ़ेंगी, निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना की कुल लंबाई 196 किलोमीटर होगी और रैपिड रेल की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो मेट्रो की तुलना में तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी।
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए सार्वजनिक परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा।
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