जांच के दौरान संबंधित करदाताओं की ओर से 70.59 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई। विभाग ने कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य अभिलेख भी जब्त किए हैं। सभी मामलों में विस्तृत जांच जारी है।
जयपुर स्थित प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ब्लॉक क्रेडिट/ITC रिवर्सल के संबंध में निरीक्षण किया गया। मामले में करीब 21.60 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 4.74 लाख रुपए जमा कराए, जिसमें 1 लाख रुपए ITC और 3.74 लाख रुपए नकद शामिल हैं। विभाग की ओर से पुस्तकों, खरीद बिलों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है।
अजमेर स्थित M/s Arsh Fashion Couture LLP के टेक्सटाइल कारोबार का निरीक्षण किया गया। भौतिक स्टॉक के सत्यापन में घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। मौके से लूज पेपर, रजिस्टर और नोटबुक सहित संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए।
मामले में करीब 15 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, जिसके विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए।
डीडवाना-कुचामन के बोरावड़ स्थित M/s Vinod Kumar Agarwal के यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा और मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका पर कार्रवाई की गई। बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री और देनदारी के समायोजन से जुड़े तथ्यों की जांच की गई।
मामले में करीब 7 से 8 लाख रुपए की संभावित देनदारी सामने आई, जिसके विरुद्ध 6.50 लाख रुपए नकद जमा कराए गए।
केकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर और बेड आदि के निर्माण संबंधी कारोबार का सर्वे किया गया। विभाग ने कम कैश रेशियो और टर्नओवर छिपाने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की। मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक और व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक राशि जमा कराई गई।
किशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद और उससे संबंधित ITC की जांच की गई। जांच में करीब 15.85 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 8.45 लाख रुपए नकद जमा कराए।
हनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers में ट्रेलर निर्माण इकाई से संबंधित खरीद और ITC की जांच की गई। विभाग पिछले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत ITC के उपयोग से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार कर रिकॉर्ड की जांच की गई। इस मामले में करदाता ने 25 लाख रुपए जमा कराए हैं।
कोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी किए जाने के मामले में कार्रवाई की गई। जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए, जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं थी।
मामले में करीब 40 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में कोई स्वैच्छिक जमा राशि नहीं हुई है और जांच जारी है।
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार सभी 7 मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक, ITC और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे और निरीक्षण
करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी
70.59 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि
ITC अनियमितता और रिवर्सल की जांच
बिना बिल खरीद-बिक्री के मामलों की जांच
फर्जी/बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस की जांच
स्टॉक और टर्नओवर संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई
सभी मामलों में विस्तृत जांच जारी
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