Download App Now Register Now

जयपुर नगर निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव, 82% मौजूदा पार्षदों के टिकट कटे; BJP-कांग्रेस ने उतारे नए चेहरे

जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े नगर निकाय चुनाव जयपुर नगर निगम में इस बार भाजपा और कांग्रेस ने बड़े स्तर पर नए चेहरों पर दांव लगाया है। दोनों प्रमुख दलों ने वर्ष 2020 में चुनाव जीतने वाले अधिकांश पार्षदों को इस बार दोबारा टिकट नहीं दिया। कुल 250 पुराने विजयी पार्षदों में से सिर्फ 43 को ही फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है, जबकि 207 पार्षदों के टिकट कट गए हैं। यानी करीब 82.8 प्रतिशत पुराने विजेताओं को इस बार मौका नहीं मिला।

BJP ने 115 पुराने पार्षदों के टिकट काटे

वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के 139 पार्षद विजयी हुए थे। इनमें से इस बार केवल 24 पार्षदों को दोबारा टिकट मिला है। वहीं 115 पूर्व पार्षदों का टिकट काट दिया गया।

कांग्रेस की स्थिति भी लगभग ऐसी ही रही। 2020 में कांग्रेस के 88 पार्षद चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार इनमें से सिर्फ 16 को फिर से टिकट दिया गया। पार्टी ने 72 पुराने पार्षदों को टिकट नहीं दिया।

निर्दलीय पार्षदों में भी बदलाव

2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल करने वाले 23 पार्षदों में से केवल तीन को इस बार प्रमुख दलों ने टिकट दिया है। इनमें दो को भाजपा और एक को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है।

इस तरह 2020 में जीतने वाले कुल 250 पार्षदों में से सिर्फ 17.2 प्रतिशत को ही दोबारा टिकट मिल सका है।

परिसीमन बना टिकट कटने की बड़ी वजह

इतने बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह वार्डों का परिसीमन और नगर निगमों का पुनर्गठन भी माना जा रहा है। वर्ष 2020 में जयपुर में ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम अलग-अलग थे और कुल 250 वार्ड थे। अब चुनाव 150 वार्डों के लिए हो रहे हैं।

परिसीमन के बाद कई वार्डों की सीमाएं बदल गई हैं। पुराने वार्डों के इलाके अलग-अलग नए वार्डों में चले गए हैं। ऐसे में कई पूर्व पार्षदों का पुराना चुनावी समीकरण और क्षेत्रीय आधार प्रभावित हुआ है।

नए चेहरों पर दांव क्यों?

पांच साल के कार्यकाल के बाद कई मौजूदा और पूर्व पार्षदों को स्थानीय स्तर पर जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा। इसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों पर नए चेहरों को मौका देने का दबाव बढ़ा।

दोनों दलों की रणनीति अब युवा और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने तथा पुराने चेहरों की जगह नई टीम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की दिखाई दे रही है।

जयपुर चुनाव में दिखेगा नई टीम का असर

जयपुर नगर निगम का चुनाव राजधानी होने के कारण राजस्थान की राजनीति में खास महत्व रखता है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस द्वारा इतने बड़े स्तर पर पुराने पार्षदों के टिकट काटना चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए चेहरों पर दोनों दलों का दांव कितना सफल रहता है और टिकट कटने वाले पुराने पार्षदों में से कितने बागी होकर चुनाव मैदान में उतरते हैं। नाम वापसी के बाद जयपुर के चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट होगी।   

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
जयपुर में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार; करोड़ों के लेनदेन का पता चला | राजस्थान में बढ़ने लगी सर्दी, सीकर-फतेहपुर में 12.5 डिग्री पहुंचा पारा; जयपुर में भी रातें ठंडी | राजस्थान में दिवाली पर सिर्फ 3 घंटे चला सकेंगे पटाखे, 7 और 8 नवंबर को मिलेगी छूट; सरकार ने जारी की गाइडलाइन | पहले वनडे में न्यूजीलैंड की खराब शुरुआत, 115 रन पर 6 विकेट गिरे; भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन | श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर जोरदार ब्लास्ट, ट्रेन उड़ाने की आशंका; 4 ट्रेनें रद्द | सीकर में चोरी और लापता होने की घटनाओं से मचा हड़कंप: 16 साल की नाबालिग लापता, घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी; 13 बकरियां और गाय भी ले गए चोर | राजस्थान के सभी स्कूलों में लगेंगे 'शुगर बोर्ड': बच्चों को चम्मच से समझाई जाएगी कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और बिस्किट में चीनी की मात्रा | राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज: दिन के तापमान में गिरावट, रात में कम हुई सर्दी; माउंट आबू सबसे ठंडा | अमेरिका के फ्लोरिडा में बड़ा विमान हादसा: रिहायशी इलाके के पास धमाके के साथ क्रैश हुआ बिजनेस जेट, 9 लोगों की मौत | जयपुर में 3 से 9 नवंबर तक स्लीपर बसों की एंट्री बंद, दिवाली पर ट्रैफिक पुलिस ने बदली व्यवस्था |