Download App Now Register Now

‘जीजू ने सच में नहीं, सपने में छेड़ा था’: 7 साल बाद कोर्ट में पलटी साली, एयरफोर्स कर्मी को मिली राहत

उत्तर प्रदेश: के Kanpur से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सात साल तक चले मुकदमे के बाद एक एयरफोर्स कर्मी को अदालत ने बरी कर दिया। नाबालिग साली द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों के मामले में कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब पीड़िता ने अपने ही आरोपों को लेकर नया बयान दिया।

कोर्ट में दिए गए बयान में लड़की ने कहा कि जिस घटना को उसने पहले वास्तविक छेड़छाड़ बताया था, वह दरअसल एक सपना था। उसे भ्रम हो गया था कि उसके जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। इस बयान के बाद अदालत ने सबूतों और गवाही के आधार पर एयरफोर्स कर्मी Anurag Shukla को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

2019 में दर्ज हुआ था मामला

यह पूरा मामला साल 2019 का है। बिठूर क्षेत्र में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला की शादी 10 फरवरी 2019 को बिधनू क्षेत्र की रहने वाली युवती से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ‘चौथी’ की रस्म के दौरान वह अपनी पत्नी को लेने ससुराल गए थे।

बताया गया कि उसी समय उनकी नाबालिग साली भी उनके साथ ससुराल से उनके घर आ गई थी।

एफआईआर के अनुसार 8 मार्च 2019 की रात करीब 9 बजे अचानक साली जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी आवाज सुनकर उसकी बड़ी बहन, जो कि एयरफोर्स कर्मी की पत्नी है, कमरे में पहुंची।

लड़की ने आरोप लगाया कि उसके जीजा ने उसे सोते समय पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी।

5 महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर

घटना के लगभग पांच महीने बाद, 3 अगस्त 2019 को लड़की के पिता की शिकायत पर Naubasta Police Station में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने जांच के बाद 29 सितंबर 2019 को अनुराग शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

करीब 19 दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर 2019 को उन्हें जमानत मिल गई थी।

इस मामले में जांच अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़िता के शुरुआती बयान के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद पॉक्सो कोर्ट में मामला चला और 13 नवंबर 2019 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए।

चार गंभीर आरोप लगाए गए थे

एयरफोर्स कर्मी पर चार प्रमुख आरोप लगाए गए थे—

  • पीड़िता के साथ मारपीट

  • उसे बदनाम करना

  • छेड़छाड़ करना

  • लैंगिक हमला करना

मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो अदालत में कई वर्षों तक चली।

कोर्ट में बदला बयान

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़िता ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। दिसंबर 2021 में कोर्ट के सामने दिए गए बयान में लड़की ने कहा कि घटना वाली रात उसने एंटीबायोटिक दवा ली थी।

उसने बताया कि वह दवा के कारण आधी नींद में थी और उसी दौरान उसे सपना आया कि उसके जीजा ने उसे पकड़ लिया है।

लड़की के मुताबिक, उसने उसी भ्रम में शोर मचा दिया। इसके बाद उसकी बड़ी बहन कमरे में आई और मामला बढ़ गया।

पीड़िता ने अदालत में साफ कहा कि वास्तविकता में उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी।

परिवार ने भी माना भ्रम

मामले की सुनवाई के दौरान लड़की के पिता और बड़ी बहन ने भी अदालत में यह स्वीकार किया कि उन्होंने भ्रम की स्थिति में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस बयान के बाद अदालत ने सबूतों और गवाहियों का विश्लेषण किया और पाया कि आरोप साबित नहीं हो सके।

इसके बाद विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ने एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

आरोपी का आरोप – प्रॉपर्टी विवाद की वजह

फैसले के बाद अनुराग शुक्ला ने कहा कि उन पर लगाया गया पूरा मामला झूठा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ससुर ने प्रॉपर्टी के लालच में उन पर दबाव बनाया था।

अनुराग के अनुसार उनके ससुर चाहते थे कि वह अपनी जमीन, मकान और अन्य संपत्ति अपनी पत्नी और उसकी बड़ी बहन के नाम कर दें। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ यह मामला दर्ज कराया गया।

उन्होंने कहा कि इस केस के कारण उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा और समाज में भी बदनामी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा उनकी नौकरी में प्रमोशन भी प्रभावित हुआ।

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय

अनुराग शुक्ला के अधिवक्ता Karim Ahmad Siddiqui ने बताया कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी वजह से ससुर ने अपनी नाबालिग बेटी से आरोप लगवाकर मुकदमा दर्ज कराया था।

उन्होंने कहा कि अदालत में जब लड़की का बयान दर्ज हुआ तो उसने स्पष्ट कर दिया कि छेड़छाड़ वास्तव में नहीं हुई थी।


निष्कर्ष:

कानपुर की इस घटना ने यह दिखाया कि कानूनी मामलों में सही जांच और न्यायिक प्रक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। सात साल तक चले इस मुकदमे के बाद अदालत के फैसले ने आरोपी को राहत दी। यह मामला इस बात का उदाहरण भी बन गया कि गलतफहमी या अधूरी जानकारी के आधार पर दर्ज हुए मामलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |