उत्तर प्रदेश: की राजधानी Lucknow में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों भारी संकट देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच विकासनगर इलाके में एक ग्राहक गैस सिलेंडर पाने की जिद में डिलीवरी गाड़ी के सामने सड़क पर लेट गया, जिससे कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्राहक का कहना था कि जब तक उसे गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा, तब तक वह सड़क से नहीं उठेगा। यह घटना शहर में गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन को दर्शाती है।
लखनऊ के कई इलाकों में सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। Gomti Nagar Extension में एक एजेंसी के बाहर करीब 400 मीटर लंबी कतार लगने की सूचना मिली।
इसी तरह Vikas Nagar और Arjunganj जैसे इलाकों में भी लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों के बाहर खड़े नजर आए।
कई बुजुर्ग और महिलाएं भी सुबह से लाइन में लगी रहीं, लेकिन कई लोगों को बिना सिलेंडर के ही वापस लौटना पड़ा।
विकासनगर इलाके में गैस एजेंसी के बाहर एक ग्राहक ने सिलेंडर नहीं मिलने पर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। वह गैस डिलीवरी वाहन के सामने सड़क पर लेट गया और गाड़ी को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों और एजेंसी कर्मचारियों के साथ उसकी बहस भी हुई। कुछ देर बाद लोगों के समझाने पर स्थिति सामान्य हुई।
गैस संकट का असर अब शहर के होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है। PGI Area में स्थित एक रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि गैस की कमी के कारण कुछ खाद्य पदार्थों को बनाना अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
कर्मचारियों के लिए भोजन तैयार करने और अन्य आवश्यक कामों के लिए फिलहाल भट्टी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
गैस सिलेंडर की कमी का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखा जा रहा है। निगोहां क्षेत्र की 58 वर्षीय रामवती ने बताया कि कई दिनों से गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है।
मजबूरी में उन्होंने घर में फिर से मिट्टी का चूल्हा तैयार कर लिया है। उनका कहना है कि पहले लोग इसी चूल्हे पर खाना बनाते थे, लेकिन अब ज्यादातर घर गैस सिलेंडर पर निर्भर हो गए हैं।
हालांकि जिन घरों में पूरी तरह टाइल्स और मार्बल से बने किचन हैं, वहां चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता है।
शादी-विवाह के सीजन में गैस की कमी से कैटरर्स को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Mohanlalganj के एक कैटरिंग व्यवसायी ने बताया कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पाने के कारण कई कार्यक्रमों में भोजन तैयार करने में परेशानी हो रही है।
ऐसे में मजबूरी में लकड़ी की भट्ठियों पर खाना बनाना पड़ रहा है, जो समय और श्रम दोनों अधिक लेता है।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है।
प्रवर्तन टीमों ने 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान 24 एफआईआर दर्ज की गईं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार का कहना है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
लखनऊ में गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कतारें, विरोध प्रदर्शन और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ता असर इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि सरकार कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है, लेकिन आम लोगों को राहत मिलने के लिए गैस की आपूर्ति सामान्य होना बेहद जरूरी है।
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