जयपुर। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के मुख्य सचिवों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने राज्यों को वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर धूल नियंत्रण, पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, पराली जलाने पर रोक और बड़े स्तर पर पौधारोपण जैसे उपायों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
राजस्थान की ओर से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य सरकार एनसीआर क्षेत्र में 'परिवर्तन' कार्यक्रम के तहत 5,268 पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ाया जा रहा है और मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग के जरिए सड़क की धूल कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में सी एंड डी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, वायु गुणवत्ता की निगरानी और बायोमास व पराली जलाने पर रोक के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है।
बैठक में राजस्थान सरकार ने दोहराया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के साथ समन्वय बनाकर निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम कर रही है।
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