नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अभी थमा नहीं है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रही CJP (Cockroach Janta Party) ने साफ कर दिया है कि उनकी लड़ाई अभी जारी रहेगी।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक का अनशन खत्म होने का मतलब आंदोलन का अंत नहीं है। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करना और आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेना है।
इस बीच केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। केंद्रीय मंत्रियों से हुई बैठक के बाद सरकार ने मांगों पर विचार करने के लिए समय मांगा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नए कानूनी प्रावधानों का भरोसा दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और आंदोलनकारी शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। CJP का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन देशभर में जारी रहेगा।
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