जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां करती नजर आ रही है। जेडीए के जोन-14 क्षेत्र के वाटिका इलाके में "शिव हेरिटेज" नाम से कृषि भूमि पर कथित रूप से करीब 80 विला बनाए जा रहे हैं।
यदि इस परियोजना को आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े स्तर का निर्माण किसकी निगरानी में हुआ? क्या जेडीए के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगी, या फिर सब कुछ उनकी नजरों के सामने होता रहा?
जब एक आम नागरिक अपने घर की छोटी-सी मरम्मत पर नोटिस पा सकता है, तो दर्जनों विला बनने तक प्रशासन की चुप्पी आखिर क्यों? सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों का है जो अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर मकान खरीदते हैं। अगर भविष्य में ऐसी कॉलोनी कानूनी विवाद में फंसती है या उस पर कार्रवाई होती है, तो करोड़ों रुपये की मेहनत की कमाई का जिम्मेदार कौन होगा? क्या खरीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जेडीए की जिम्मेदारी नहीं है?
अब निगाहें जेडीए पर हैं। क्या प्राधिकरण इस परियोजना की वैधता सार्वजनिक करेगा, या फिर कार्रवाई सिर्फ छोटे निर्माणों तक ही सीमित रहेगी? यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो जेडीए को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए; और यदि नहीं, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
नोट: इस खबर में उल्लिखित बातें स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित कॉलोनाइजर और जेडीए का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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