जयपुर में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग की प्रमुख योजनाओं मंगला पशु बीमा योजना और कृत्रिम गर्भाधान योजना की धीमी प्रगति पर मंत्री जोराराम कुमावत ने सख्त नाराजगी जताई है। पशुपालन निदेशालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा में सभी लक्ष्य पूरे किए जाएं।
मंत्री ने निर्देश दिए कि मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं का पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने और लंबित बीमा क्लेम का निस्तारण हर हाल में 30 जून 2026 तक पूरा किया जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर लाभ मिल सके। साथ ही गाय, भैंस और बकरी का शत-प्रतिशत पंजीकरण 15 जुलाई 2026 तक और भेड़ व ऊंट का 80 प्रतिशत पंजीकरण 15 अगस्त 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और ढाणियों में विशेष शिविर लगाकर पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा। इन शिविरों में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा पंजीकरण और सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक से उच्च नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ेगी, जबकि मंगला पशु बीमा योजना पशुधन के नुकसान की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करेगी। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.