राजस्थान: में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक तरफ भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है तो दूसरी ओर कई जिलों में अचानक आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाएं, मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन 17 मई के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम विभाग जयपुर केंद्र के अनुसार, शेखावाटी और हाड़ौती क्षेत्र समेत कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है उनमें बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपुतली-बहरोड़, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, बारां, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर शामिल हैं।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आंधी और बारिश के चलते गर्म हवाओं की तीव्रता कुछ कम होगी, लेकिन उमस बढ़ सकती है।
गुरुवार को राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में रहा। फलोदी राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
इसके अलावा जैसलमेर में 45.1 डिग्री, श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री और बीकानेर में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। कई शहरों में गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई। चूरू जिले के सरदारशहर में सबसे ज्यादा 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी भी चली। अचानक बदले मौसम के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि यह राहत अस्थायी है। 17 मई के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भीषण गर्मी का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान फिर 45 डिग्री के पार जा सकता है।
ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हीट स्ट्रोक से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
बारिश और तेज हवाओं का असर किसानों पर भी देखने को मिल सकता है। जहां कुछ इलाकों में बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका नुकसान भी पहुंचा सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर फसलों की सुरक्षा के इंतजाम करने की सलाह दी है।
राजस्थान में मौसम फिलहाल राहत और आफत दोनों लेकर आया है। एक ओर आंधी और बारिश से गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर 17 मई के बाद फिर भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
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