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ऐतिहासिक फैसला! ब्रह्मपुत्र के नीचे देश की पहली अंडरवाटर रोड-रेल टनल को मंजूरी, रणनीतिक बढ़त से चीन में हलचल

केंद्र सरकार: ने असम में Brahmaputra River के नीचे देश की पहली अंडरवाटर रोड-रेल टनल बनाने की ऐतिहासिक योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी मिली।

यह सुरंग “ट्विन ट्यूब टीबीएम टनल” मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें एक ट्यूब में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी में चार-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड रोड होगी। कुल लंबाई 33.7 किलोमीटर होगी और अनुमानित लागत 18,662.02 करोड़ रुपये है।

6 घंटे का सफर अब 30 मिनट में

यह टनल असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बीच बनाई जाएगी। वर्तमान में दोनों स्थानों के बीच करीब 240 किमी का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें लगभग 6 घंटे लगते हैं। नई टनल के जरिए यह दूरी महज आधे घंटे में पूरी हो सकेगी।

इस परियोजना से असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। फ्रेट मूवमेंट तेज होगा, लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

रणनीतिक दृष्टि से क्यों अहम?

पूर्वोत्तर क्षेत्र की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह परियोजना रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी से सीमावर्ती इलाकों में सैन्य और नागरिक आवाजाही मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय संतुलन और बुनियादी ढांचे की दृष्टि से भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।

कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 1.60 लाख करोड़ रुपये से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी। इनमें शहरी विकास, रेलवे और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

नोएडा मेट्रो का विस्तार

नोएडा सेक्टर 142 से बोटेनिकल गार्डन तक 11.56 किमी के नए सेक्शन को मंजूरी मिली है। इस रूट पर 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। विस्तार के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंच जाएगा। अनुमानित लागत 2,254 करोड़ रुपये है।

रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट

तीन बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है:

  • कसारा–मनमाड (तीसरी-चौथी लाइन)

  • दिल्ली–अंबाला (तीसरी-चौथी लाइन)

  • बेल्लारी–होस्पेटे (तीसरी-चौथी लाइन)

इन परियोजनाओं की कुल लागत 18,509 करोड़ रुपये है और 2030-31 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इससे रेलवे नेटवर्क में 389 किमी की वृद्धि होगी।

अर्बन चैलेंज फंड और स्टार्टअप इंडिया 2.0

सरकार ने शहरी कायाकल्प के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय सहयोग से अर्बन चैलेंज फंड लॉन्च करने की योजना को मंजूरी दी है। साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए “स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0” को 10,000 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ स्वीकृति दी गई है।


निष्कर्ष:

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनने वाली देश की पहली अंडरवाटर रोड-रेल टनल भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न केवल पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी देश को बड़ी बढ़त मिलेगी।

कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक साथ गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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