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लालसोट में भीषण आग का तांडव: सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 7 बकरियां जिंदा जलीं, युवक झुलसा

राजस्थान: के Lalsot क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां आग की भीषण घटना में सात बकरियां जिंदा जल गईं और एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना डीडवाना गांव की देवन्या ढाणी में हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

अचानक लगी आग, मचा हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवन्या ढाणी निवासी हरदयाल महावर और दिनेश महावर के घर के पास बने छप्परपोश में अचानक आग लग गई। शुरुआत में आग छोटी थी, लेकिन सूखे छप्पर और आसपास रखे ज्वलनशील सामान के कारण यह तेजी से फैल गई।

देखते ही देखते आग ने पूरे छप्परपोश को अपनी चपेट में ले लिया, जहां सात बकरियां बंधी हुई थीं। आग इतनी तेज थी कि उन्हें बचाने का मौका भी नहीं मिल पाया और सभी बकरियां जिंदा जल गईं।

गैस सिलेंडर फटने से बढ़ी तबाही

हादसे के दौरान पास में रखा गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गया और कुछ ही देर में जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस विस्फोट ने आग को और भी भयंकर बना दिया, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए।

सिलेंडर ब्लास्ट के कारण आग की लपटें और तेज हो गईं, जिससे नुकसान का दायरा भी बढ़ गया।

पशुओं को बचाने में झुलसा युवक

इस बीच, दिनेश महावर नाम का युवक बकरियों को बचाने के लिए आग में कूद पड़ा। लेकिन आग की तेज लपटों और गर्मी के कारण वह खुद झुलस गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। उसकी हालत को देखते हुए उसे आगे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

ग्रामीणों ने किया आग बुझाने का प्रयास

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और ट्यूबवेल चलाकर आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि आग इतनी भयंकर थी कि शुरुआती प्रयासों से उस पर काबू नहीं पाया जा सका।

सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मी एहसान भाई, खालीक खान और गौरव पारीक ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।

लाखों का नुकसान, सब कुछ राख

इस अग्निकांड में केवल पशुओं की ही नहीं, बल्कि छप्परपोश में रखा अनाज, पशुओं का चारा और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस हादसे में पीड़ित परिवार को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया है।

प्रशासन पहुंचा मौके पर

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। पशु चिकित्सक ने मृत बकरियों का पोस्टमार्टम किया, जबकि पटवारी ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की।

प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है, ताकि उन्हें इस कठिन समय में राहत मिल सके।

आग लगने के कारणों की जांच

हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से जुड़ा माना जा रहा है।

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


निष्कर्ष:

लालसोट में हुआ यह हादसा एक बार फिर आग से सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत को दर्शाता है। एक छोटी सी चूक कैसे बड़े नुकसान में बदल सकती है, यह घटना उसका उदाहरण है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन पीड़ित परिवार को हुए नुकसान की भरपाई में समय लगेगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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