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जयपुर में 24 अप्रैल को होगा भव्य जलसा-ए-सीरतुन्नबी, देशभर के बड़े इस्लामी विद्वान होंगे शामिल

राजस्थान: की राजधानी जयपुर में 24 अप्रैल को एक भव्य धार्मिक आयोजन “जलसा-ए-सीरतुन्नबी” का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देशभर से प्रमुख इस्लामी विद्वान और स्कॉलर्स हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की जीवनी (सीरत) और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का आयोजन वाहिद मेमोरियल वेलफेयर एंड रिलीफ सोसायटी और सुन्नी दावते इस्लामी जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का भी एक बड़ा माध्यम बनेगा।

घाटगेट स्थित मिलाद चौक बनेगा आयोजन स्थल

कार्यक्रम 24 अप्रैल को रात 9 बजे जयपुर के घाटगेट क्षेत्र स्थित मिलाद चौक, लोहारों का खुर्रा पर आयोजित होगा। आयोजन समिति के सदस्य सैय्यद मुहम्मद कादरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जलसे में देशभर के प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान शामिल होंगे, जो नबी-ए-करीम की सीरत, उनके जीवन के आदर्शों और समाज के लिए उनके संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे।

कार्यक्रम की सरपरस्ती शहर के प्रमुख इस्लामी विद्वान मुफ्ती अब्दुस्सत्तार रजवी करेंगे, जबकि अध्यक्षता मौलाना कारी गुलाम मोइनुद्दीन कादरी द्वारा की जाएगी।

देशभर के विद्वान करेंगे शिरकत

इस विशेष जलसे में कई प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर्स और नातख्वां अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। इनमें मौलाना सूफी नसीमुद्दीन लियाकती, मुहम्मद शब्बीर बरकाती, कारी गौस मुहम्मद, मौलाना सलमान रजा, कारी मुहम्मद शकील अशरफी, हाफिज शाकिर बरकाती और हाफिज इमरान रजा जैसे नाम शामिल हैं।

ये सभी विद्वान अपने-अपने अंदाज में नबी-ए-करीम की शान में खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे और उनकी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

सीरतुन्नबी पर विशेष बयान और नातिया कार्यक्रम

कार्यक्रम में सीरतुन्नबी यानी पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसमें उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं—जैसे इंसाफ, भाईचारा, करुणा, सहिष्णुता और मानवता—पर विस्तार से चर्चा होगी।

इसके अलावा, नात और मनकबत का भी आयोजन होगा, जिसमें नातख्वां अपनी आवाज में नबी-ए-करीम की शान में कलाम पेश करेंगे। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना है।

धार्मिक और सामाजिक संदेश का मंच

आयोजकों का कहना है कि इस जलसे का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में शांति, भाईचारे और एकता का संदेश देना भी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने बताया कि सीरतुन्नबी का संदेश पूरी मानवता के लिए है और इसे हर वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भी प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा ताकि वे अपने जीवन में अच्छे मूल्यों को अपनाएं।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी

बड़े स्तर पर होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजकों द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पूरी तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

आयोजकों ने जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।


निष्कर्ष:

जयपुर में आयोजित होने वाला जलसा-ए-सीरतुन्नबी न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज में एकता, शांति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। देशभर से आने वाले विद्वानों की मौजूदगी इसे और भी खास बना रही है। यह आयोजन लोगों को पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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