Download App Now Register Now

जयपुर में 3 साल से फरार गैंगस्टर गैंग का गुर्गा गिरफ्तार: फायरिंग-मर्डर में वांटेड, साथी सहित दबोचा

राजस्थान: की राजधानी जयपुर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो खतरनाक बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुख्यात गैंगस्टर Rohit Godara और Virendra Charan गैंग का सक्रिय सदस्य भी शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह (31) और उसका साथी लक्ष्मण सिंह (34) शामिल हैं। दोनों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे।

3 साल से फरार था मुख्य आरोपी

एडीजी (AGTF) दिनेश एमएन के अनुसार, कृष्ण सिंह पिछले करीब तीन साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। वह सुजानगढ़ के चर्चित ‘जेडीजे ज्वैलर्स’ फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी है। इस घटना में व्यापारियों को डराकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की गई थी।

कृष्ण सिंह गैंगस्टर नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था और सीधे गैंग के सरगनाओं के संपर्क में रहता था। पुलिस का कहना है कि वह उनके इशारों पर कारोबारियों को धमकाने और वसूली करने का काम करता था।

जयपुर में छिपकर काट रहा था फरारी

पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में छिपकर रह रहे थे। वे लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे ताकि पुलिस से बच सकें।

AGTF की टीम को जब इनकी सटीक जानकारी मिली, तो तुरंत दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

ज्वेलरी शोरूम फायरिंग में था शामिल

कृष्ण सिंह पर आरोप है कि उसने अप्रैल 2023 में सुजानगढ़ स्थित जेडीजे ज्वैलर्स शोरूम पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। इस हमले का मकसद व्यापारियों में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलना था।

इस मामले में उसके खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया जा चुका था, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा।

साथी पर 27 आपराधिक मामले दर्ज

गिरफ्तार दूसरा आरोपी लक्ष्मण सिंह भी कोई छोटा अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चेन स्नैचिंग और अन्य गंभीर अपराधों सहित कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण सिंह कई थानों में वांटेड था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

गैंग नेटवर्क का होगा खुलासा

पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि इस पूछताछ से गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और अन्य वारदातों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से गैंगस्टर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पहले भी जा चुका है जेल

कृष्ण सिंह पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपराध की दुनिया में कदम रखा और गैंगस्टरों के साथ मिलकर रंगदारी और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा।

पुलिस की सख्ती जारी

राजस्थान पुलिस और AGTF लगातार राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। हाल के दिनों में कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

जयपुर में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस अब संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। गैंगस्टर नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां बेहद जरूरी हैं। आने वाले समय में इस मामले से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे गैंग की जड़ तक पहुंचने में मदद करेंगे।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |