Download App Now Register Now

जयपुर ब्लास्ट केस में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने आतंकियों को राहत देने से किया इनकार, जेल से नहीं मिलेगी छुट्टी

राजस्थान: की राजधानी जयपुर में 2008 के चर्चित सीरियल बम धमाकों से जुड़े जिंदा बम बरामदगी मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। Rajasthan High Court ने दो दोषी आतंकियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी स्टे एप्लीकेशन खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

यह मामला मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद से जुड़ा है, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन दोनों ने अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने उनकी मांग को ठुकरा दिया।

गौरतलब है कि 4 अप्रैल 2025 को विशेष अदालत ने इस केस में चार आरोपियों—सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद—को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह फैसला 2008 में हुए भयानक बम धमाकों से जुड़े मामलों के लंबे ट्रायल के बाद आया था।

13 मई 2008 को जयपुर शहर में एक के बाद एक कुल 8 सीरियल बम धमाके हुए थे, जिनमें 71 लोगों की जान चली गई थी और 185 से अधिक लोग घायल हुए थे। इन धमाकों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस दौरान चांदपोल बाजार के पास एक नौवां जिंदा बम भी मिला था, जिसे धमाका होने से करीब 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर दिया गया था। यही जिंदा बम बरामदगी का मामला अब कानूनी लड़ाई का केंद्र बना हुआ है।

आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि वे पहले ही आठ अन्य मामलों में बरी हो चुके हैं। उनके वकीलों ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पहले जिन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया था, उनमें हाईकोर्ट ने सजा को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया था। ऐसे में उन्हीं तथ्यों और सबूतों के आधार पर जिंदा बम केस में सजा देना उचित नहीं है।

इसके अलावा आरोपियों ने यह भी तर्क दिया कि वे लंबे समय से जेल में हैं और अपील पर अंतिम सुनवाई में काफी समय लग सकता है। इसलिए उन्हें जमानत या सजा पर रोक का लाभ दिया जाना चाहिए।

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इन दलीलों का कड़ा विरोध किया गया। अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी, अधिवक्ता अमन अग्रवाल और नेहा गोयल ने कोर्ट में कहा कि आतंकवादी गतिविधियों का मकसद समाज में भय और अस्थिरता फैलाना होता है। उन्होंने बताया कि इस केस में अभियोजन पक्ष ने अतिरिक्त साक्ष्य पेश किए हैं, जिनमें धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले ईमेल को रिकवर करना भी शामिल है।

सरकार ने दलील दी कि ये नए साक्ष्य ट्रायल कोर्ट के फैसले को मजबूत बनाते हैं और इन्हीं के आधार पर आरोपियों को सजा सुनाई गई है। इसलिए सजा पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि इस स्तर पर आरोपियों को राहत देना उचित नहीं है। कोर्ट का मानना है कि मामले की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए सजा पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

यह फैसला न केवल इस केस के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में न्यायिक सख्ती का भी संकेत देता है। इससे यह संदेश जाता है कि गंभीर अपराधों में अदालतें बिना ठोस आधार के राहत देने के पक्ष में नहीं हैं।


निष्कर्ष:

जयपुर ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट का यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है। आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने से यह स्पष्ट है कि अदालत ऐसे मामलों में सबूतों और अपराध की गंभीरता को प्राथमिकता देती है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
सोना-चांदी खरीदने जा रहे हैं तो पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें: कैरेट से लेकर हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज तक समझें पूरा हिसाब, खरीदारी में नहीं होगा नुकसान | दिवाली से पहले LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी, कमर्शियल गैस 9.50 रुपये महंगी; घरेलू सिलेंडर के रेट स्थिर | जापान में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 6.0 रही तीव्रता: सुबह 3:45 बजे शिमा क्षेत्र के पास आया भूकंप, फिलहाल नुकसान की खबर नहीं | राजस्थान के 7 पुलिस अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक: 6 IPS और एक RPS अधिकारी चयनित, उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए होगा सम्मान | SIR के खिलाफ दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली, राहुल-खड़गे समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल | अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ |