यह बैठक 25 मई 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित पहली ब्रिक्स 2026 पर्यटन कार्य समूह बैठक की अगली कड़ी रही। बैठक में भारत की अध्यक्षता के दौरान निर्धारित चार प्रमुख प्राथमिकताओं—कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं पर्यटन, स्थिरता एवं जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण तथा पर्यटन आदान-प्रदान एवं निर्बाध यात्रा सुविधा—पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का व्यापक विषय “मजबूती, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण” रहा। प्रतिनिधियों ने माना कि बदलती तकनीक, यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच पर्यटन आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, सतत विकास और लोगों के बीच आपसी संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
चर्चाओं में उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग, समुदाय-केंद्रित पर्यटन, मानव संसाधन एवं कौशल विकास, पर्यटन आदान-प्रदान और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि पहली टीडब्ल्यूजी बैठक के बाद हुई चर्चाओं से भारत के ब्रिक्स पर्यटन ट्रैक को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान स्थिरता, कौशल विकास, निर्बाध यात्रा और स्मार्ट पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि कार्य समूह में हुई चर्चाएं 21 अगस्त को आयोजित होने वाली ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेंगी।
ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए जयपुर के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी आयोजित किया गया। प्रतिनिधियों ने हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर पैलेस का दौरा कर राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को करीब से जाना।
ब्रिक्स पर्यटन कार्य समूह की बैठक के जयपुर में आयोजन से राजस्थान की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारत और ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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