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सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, स्पीकर बोले- सदन की गरिमा से नहीं होगा समझौता

 जयपुर, 21 अगस्त। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दोपहर 1:44 बजे सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया। इससे पहले उन्होंने विधानसभा परिसर की सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सदन में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए निर्धारित व्यवस्था लागू है। विधानसभा में प्रवेश के लिए गेट नंबर-7 निर्धारित है, जबकि विधायक आवास परिसर में रहने वाले सदस्यों के लिए गेट नंबर-6 से पैदल आने-जाने की व्यवस्था है। उन्होंने साफ कहा कि गेट नंबर-6 से समूह में प्रवेश की अनुमति न पहले थी, न वर्तमान में है और न ही भविष्य में होगी।

देवनानी ने बताया कि गेट नंबर-6 गुरुवार को भी खुला था और शुक्रवार को भी खुला रहा। उन्होंने कहा कि पिछली बार समूह में आने के दौरान दो व्यक्ति विधानसभा परिसर में प्रवेश कर गए थे, जिन्हें विधानसभा सुरक्षा दल ने पहचानकर तत्काल बाहर कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षा दल की तत्परता की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

उन्होंने विधानसभा के गेट पर चढ़कर परिसर के अंदर आने के प्रयास को गंभीर और पीड़ादायक घटना बताया। देवनानी ने कहा कि विधानसभा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।

विपक्ष को मुद्दे उठाने की पूरी अनुमति

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। जनहित से जुड़े मुद्दों को नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुरूप उठाने की विपक्ष को पूरी अनुमति है। उन्होंने कहा कि सरकार की भी जिम्मेदारी है कि जनहित से जुड़े विषयों पर सदन में समुचित जवाब दिया जाए।

देवनानी ने कहा कि राजस्थान की करीब आठ करोड़ जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा में भेजा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए।

सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चलनी चाहिए। जनता विधानसभा की कार्यवाही को देख रही है और सभी जनप्रतिनिधियों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।

उन्होंने कहा कि सदन में व्यवस्था और नियमों का पालन बनाए रखना केवल किसी एक पक्ष की नहीं, बल्कि सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। देवनानी ने सभी सदस्यों से अपील की कि आगामी सत्रों में भी मिलकर विधानसभा की गरिमा, मर्यादा और संसदीय परंपराओं को बनाए रखा जाए।

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