मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत दूध, मावा, मिठाई, पनीर, घी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष निगरानी की जा रही है।
जयपुर मुख्यालय की केंद्रीय टीम ने झोटवाड़ा स्थित मैसर्स श्री माया डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर का नमूना लिया गया। मौके पर करीब 300 किलो पनीर नष्ट कराया गया। विभाग के अनुसार पनीर अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में संग्रहित पाया गया और प्रथम दृष्टया इसे अनसेफ फूड की श्रेणी में माना गया।
फलोदी जिले के गांव खींचन में संचालित एक अवैध वनस्पति फैट निर्माण इकाई पर छापामार कार्रवाई की गई। टीम को मौके पर कच्चा माल, पैकिंग मशीन और तैयार उत्पाद मिले। कार्रवाई के दौरान करीब 690 किलो वनस्पति फैट जब्त किया गया और अवैध फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया।
धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पदम सिंह परमार के नेतृत्व में निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान धर्मेंद्र डेयरी से मिश्रित दूध और जोधपुर मिष्ठान भंडार से घेवर का नमूना लिया गया। दोनों नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के पर्यवेक्षण में राज्य एवं जिला स्तरीय टीमें लगातार निरीक्षण, नमूनीकरण, जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई कर रही हैं।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही आमजन से संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को देने का आग्रह किया गया है।
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