डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत 25 अगस्त की शाम बिगड़ी थी। इसके बाद उन्हें SMS अस्पताल लाया गया और जांच के दौरान H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। अस्पताल में संक्रमण को देखते हुए आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद डॉ. मीणा को SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपचार कर रही है। अन्य लोगों में संक्रमण फैलने के जोखिम को देखते हुए अस्पताल में आवश्यक संक्रमण नियंत्रण उपाय भी किए गए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टर निर्धारित उपचार प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज कर रहे हैं और जरूरी जांचें की जा रही हैं। फिलहाल उनकी स्थिति की लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।
किरोड़ी लाल मीणा के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनसे फोन पर बातचीत कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इससे पहले उनके भाई जगमोहन मीणा से भी बात कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली थी।
सीएम ने SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी को निर्देश दिए कि मंत्री को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया के जरिए किरोड़ी लाल मीणा के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उनके अलावा प्रदेश के कई नेताओं और समर्थकों ने भी उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
खास बात यह है कि जिस दिन किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू संक्रमित होने की जानकारी सामने आई, उसी दिन प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।
बैठक में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस और स्वाइन फ्लू समेत बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों की स्थिति पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को बचाव और रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित कर नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए सघन मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
इसके साथ ही अस्पतालों में जांच और उपचार की सुविधाएं, जरूरी उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों से संभागवार फीडबैक लेकर मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा की गई।
किरोड़ी लाल मीणा के संक्रमित होने के बीच राजस्थान में H1N1 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है। उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 के पहले 15 दिनों में राजस्थान में 129 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 16 मामले दर्ज हुए थे। यानी मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, इस साल अब तक राजस्थान में स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए निगरानी और तैयारियां बढ़ाई हैं।
राजस्थान के अलावा पड़ोसी राज्यों दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इसी वजह से राजस्थान में भी सर्विलांस मजबूत करने और अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा संक्रमण को H1N1 के मौसमी पैटर्न से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे किसी नए वायरस या नई स्ट्रेन के रूप में नहीं बताया गया है। हालांकि मामलों में वृद्धि को देखते हुए सतर्कता और निगरानी जरूरी मानी जा रही है।
स्वाइन फ्लू को आमतौर पर H1N1 इन्फ्लुएंजा कहा जाता है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर स्थिति भी हो सकती है।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और अन्य हाई-रिस्क लोगों को संक्रमण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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