भारत: में 28 मार्च से शुरू होने वाला Indian Premier League (IPL) इस बार सिर्फ एक टी-20 टूर्नामेंट नहीं, बल्कि टीम इंडिया के भविष्य का बड़ा मंच बनने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी लीग के प्रदर्शन के आधार पर ICC Cricket World Cup 2027 के लिए भारतीय टीम की नींव रखी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, Board of Control for Cricket in India की चयन समिति ने करीब 20 भारतीय खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस और निरंतरता पर पूरे टूर्नामेंट के दौरान कड़ी नजर रखी जाएगी।
चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि IPL 2026 के हर मैच को एक तरह से ट्रायल के रूप में देखा जाएगा। खिलाड़ी जितना बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उनकी वर्ल्ड कप टीम में जगह उतनी ही मजबूत होगी।
इस बार खास बात यह है कि चयनकर्ता केवल रन और विकेट ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस, फील्डिंग, दबाव में खेलने की क्षमता और मैच अवेयरनेस पर भी ध्यान देंगे।
BCCI ने सिलेक्टर्स को अलग-अलग जोन में जिम्मेदारी बांट दी है। हर चयनकर्ता को हफ्ते में कम से कम एक मैच स्टेडियम में जाकर देखना होगा। इसके अलावा बाकी मुकाबलों को टीवी के जरिए ट्रैक किया जाएगा।
हर सप्ताह शॉर्टलिस्ट खिलाड़ियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें उनके प्रदर्शन का विश्लेषण होगा। यह रिपोर्ट आगे टीम चयन में अहम भूमिका निभाएगी।
चयनकर्ताओं की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं।
अजित अगरकर मुंबई में रहकर मैचों पर नजर रखेंगे
एसएस दास कोलकाता से मुकाबले देखेंगे
आरपी सिंह और अजय रात्रा NCR क्षेत्र में मौजूद रहेंगे
प्रज्ञान ओझा बेंगलुरु और हैदराबाद में मैचों का विश्लेषण करेंगे
इस रणनीति का मकसद है कि हर खिलाड़ी पर ग्राउंड लेवल पर सटीक नजर रखी जा सके।
इस बार चयन समिति का ध्यान पूरी तरह नए चेहरों पर नहीं, बल्कि पहले से तय वनडे कोर ग्रुप के खिलाड़ियों पर रहेगा। यानी जो खिलाड़ी पहले से टीम इंडिया के दायरे में हैं, उन्हें खुद को साबित करने का एक और मौका मिलेगा।
हालांकि, अगर कोई युवा खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
IPL के बाद भारत को Afghanistan national cricket team के खिलाफ जून में टेस्ट मैच खेलना है। यह मुकाबला भले ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं होगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट इसे गंभीरता से ले रहा है।
इस मैच में टीम इंडिया अपनी फुल-स्ट्रेंथ टीम उतारेगी। सभी सीनियर खिलाड़ी इसमें खेलते नजर आ सकते हैं।
चयन प्रक्रिया में फिटनेस सबसे अहम फैक्टर मानी जा रही है। अगर कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करता है लेकिन फिटनेस में पीछे रह जाता है, तो उसकी जगह खतरे में पड़ सकती है।
खासतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए यह IPL बेहद महत्वपूर्ण होगा। अगर वे फिट रहते हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वर्ल्ड कप टीम में उनकी जगह लगभग पक्की हो सकती है।
अगस्त से मार्च के बीच भारत को 9 टेस्ट मैच खेलने हैं। ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं कि रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट के खिलाड़ी पूरी तरह तैयार रहें।
इसलिए IPL के साथ-साथ खिलाड़ियों की ओवरऑल फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी ध्यान दिया जाएगा।
IPL 2026 भारतीय खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि करियर का सबसे बड़ा मौका साबित होने वाला है। यहां किया गया हर प्रदर्शन सीधे वर्ल्ड कप 2027 के चयन को प्रभावित करेगा। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए यह ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति बन सकती है।
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